34. लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक - Page 569

554 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

भी पूरा करता हो, मैं यह बात सदन के समक्ष रखना चाहता था कि क्या खंड 167 के अधीन इस विषय पर उपबंध करना वांछनीय नहीं होगा जो नियम बनाने की शक्ति प्रदान करता है।

माननीय अध्यक्षः दो रास्ते खुले हैंµया तो इसका उपबंध नियमों में किया जाए या चूंकि श्री कपूर का संशोधन सदन के समक्ष है, इसलिए उस आशय का कोई संशोधन पेश किया जाए।

डॉ. अम्बेडकरः जो मैं कहना चाहता था, यह है कि ‘यथासाध्य’ जैसा कुछ शब्द आवश्यक होगा। फ्यथासाध्यय् शब्द खंड 59 के किसी उपखंड में नहीं आता।

श्री टी.टी. कृष्णमाचारीः स्वयं खंड इस प्रकार हैः

फ्इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा उपबंध बनाया जाए।य्

डॉ. अम्बेडकरः मेरा मुद्दा यह है कि इस नियम के अधीन ऐसे सभी मतदाताओं को मतदान पत्र उपलब्ध कराना आज्ञापक होगा जो इसके अंतर्गत आते हैं। किन्तु निरूद्ध व्यक्ति वाद भी फाइल कर सकेंगे।

माननीय अध्यक्षः मान लीजिए ‘यथासाध्य’ शब्द, संशोधन में शामिल करके जोड़ दिया जाए।

डॉ. अम्बेडकरः मैं नहीं समझता कि फ्यथासाध्यय् शब्द विनिर्दिष्ट किन्हीं अन्य प्रवर्गों पर लागू बनाया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसे प्रत्येक व्यक्ति को जो इन प्रवर्गों के अधीन आते हैं, मतदान-पत्र उपलब्ध कराना संभव है। केवल इस संबंध में लोगों में कटुता व्याप्त होगी। और यदि यह किया जाता है तो यह सामान्य सीटों पर निर्वाचन लड़ने वाले विख्यात अनुसूचित जाति अभ्यर्थी के मार्ग में बाधाएं ही पैदा करेगा। इतना ही नहीं किन्तु सामान्य सीटों के निर्वाचनों पर लड़ने और उन्हें जीतने का उनका अधिकार भी अकृत हो जाएगा। इसे ध्यान में रखते हुए मैं सोचता हूँ कि श्री सोनावने को यह महसूस करना चाहिए कि उन्हें ऐसा कोई संशोधन नहीं लाना चाहिए जिसका परिणाम सामुदायिक मतभेद और कटुता बढ़ाना हो और जो स्वयं अनुसचित जाति या अनुसूचित जनजाति के लिए खतरनाक साबित होगा। मेरी यह धारणा है कि यदि वह सामान्य सीट लड़ने के पश्चात् पर्याप्त मत नहीं पाता तो वह कम से कम अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित सीट तो पा जाएगा और यदि वह सामान्य सीट पर लड़ते हुए पर्याप्त संख्या में मत पा जाता है, तो वह दोनों सीटों अर्थात् सामान्य सीट और आरक्षित सीट, पर निर्वाचित हो जाएगा। इसलिए, हमें इसे पृथक् सीट घोषित कर देना चाहिए क्योंकि किसी संयुक्त सीट की बाबत इस प्रक्रिया का अनुसरण नहीं कर सकते। और यदि सीटों की संख्या किसी