574 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
µ¹डॉ. अम्बेडकरह्
माननीय अध्यक्षः प्रश्न हैः
फ्यथासंशोधित खंड 130 विधेयक का भाग बन गया।य्
प्रस्ताव अंगीकार किया गया।
यथासंशोधित खंड 130, विधेयक में जोड़ा गया।
डॉ. अम्बेडकरः मैं इस प्रक्रम पर आपसे सदन को स्थगित करने का अनुरोध करता हूँ, क्योंकि हमने उन सभी खंडों का पूरा कर लिया है, जिन पर हम सहमत थे।
माननीय अध्यक्षः सदन अब अनौपचारिक बैठक के लिए जो राज्य परिषद हाल में होगी जैसा कि मुझे बताया गया है, के लिए स्थगित किया जाए और इसके तत्काल बाद हम यहां से चले जाएंगे।
श्री कॉमथः अब तक यह परम्परा रही है कि जब तक अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सभापति की अध्यक्षता में बैठक न हो, इस सदन में कोई बैठक नहीं हो सकती।
डॉ. अम्बेडकरः यहां बैठक न करने का यह एक अच्छा आधार है।
तब सदन 25 मई, 1951 शुक्रवार को साढ़े आठ बजे तक स्थगित किया गया।
ऽलोक प्रतिनिधित्व विधेयक (सं. 2)µजारी
माननीय अध्यक्षः सदन अब लोक प्रतिनिधित्व विधेयक (सं. 2) पर चर्चा आरंभ करेगा। खंड 130 तक का निपटान कल हो गया था। जब सदन माननीय विधि मंत्री के साथ शेष खंडों पर सदन में रखे गए संशोधनों की अनौपचारिक चर्चा के लिए स्थगित कर दिया गया था। सदन अब खंड 131 पर चर्चा करेगा। मैं जानना चाहता हूं कि आज की स्थिति क्या है।
विधि मंत्री (डॉ. अम्बेडकर)ः हमने एक या दो खंडों के सिवाय सारी कार्यवाही समाप्त कर ली है। जिनके संबंध में मैं स्थगित करने का अनुरोध करूंगा।
माननीय अध्यक्षः तब मैं वही प्रक्रिया अपनाऊंगा। मैं विशिष्ट खंड पुकारूंगा और ऐसा कोई माननीय सदस्य जो संशोधन लाना चाहता है, कृपया उस ओर मेरा ध्यान आकृष्ट करेगा।
खंड 131, विधेयक में जोड़ा गया।
ऽसं. वा., खंड 12, भाग II, 25 मई, 1951, पृष्ठ 9308-20