34. लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक - Page 591

576 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

आयुक्त या मुख्य निर्वाचक अधिकारी का कर्तव्य होगा कि ऐसी जांच कराई जाए और ऐसे अभियोजन संस्थित किए जाएं जो मामले की परिस्थितियों के अनुसार उसे उचित प्रतीत हों या उसके लिए अपेक्षित हों।

(2) कोई न्यायालय धारा 128 या धारा 133 या धारा 135 की उप-धारा (2) के

खंड (क) के अधीन दंडनीय किसी अपराध का संज्ञान नहीं लेगा, जब तक निर्वाचन आयोग या अनुच्छेद 324 के खंड (4) के अधीन नियुक्त क्षेत्रीय आयुक्त या संबद्ध राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के आदेश द्वारा या प्राधिकार के अधीन शिकायत न की गई हो।

µ¹डॉ. अम्बेडकरह्

माननीय अध्यक्षः प्रश्न हैः

फ्यथासंशोधित खंड 136 विधेयक का नाम बन गया।य्

प्रस्ताव अंगीकार किया गया।

यथासंशोधित खंड 136, विधेयक में जोड़ा गया।

डॉ. अम्बेडकरः खंड 137 से खंड 143 में कोई संशोधन नहीं है।

पंडित ठाकुर दास भार्गव (पंजाब)ः खंड 136 के बारे में निवेदन जब तक

खंड 122 से 124 का निपटान नहीं किया जाता है, इसका निपटान करना कठिन होगा। आपको खंड 122 से 124 को स्थगित करते हुए प्रसन्नता हुई होगी, किंतु खंड 139 का उन खंडों से संबंध है।

माननीय अध्यक्षः माननीय सदस्य खंड 139 को स्थगित कराना चाहते हैं?

पंडित ठाकुर दास भार्गवः ही हां।

माननीय अध्यक्षः तब मैं प्रस्ताव भिन्न तरीके से रखूंगा।

श्री जे.आर. कपूर (उत्तर प्रदेश)ः मैं यह अनुमान करता हूं कि एक नया खंड अर्थात् खंड 132क को बाद में जोड़ने के लिए लाए जाने की अनुमति होगी, क्योंकि वह भी कुछ खंडों पर निर्भर होगा। अतः मैं नया खंड जोड़ना चाहूंगा।

माननीय अध्यक्षः यदि यह सदन के पूर्व विनिश्चय का उल्लंघन नहीं करता, तो माननीय सदस्य इसे लाने के हकदार हैं। मैं अब प्रस्ताव को भिन्न रूप में रखूंगा।

प्रस्ताव अंगीकार किया गया।

खंड 137 और 138, विधेयक में जोड़े गए।