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माननीय उपाध्यक्षः क्या जब उपाध्यक्ष खड़े हैं तो क्या माननीय सदस्य को खड़े न होने के लिए विनियमित करने का कोई नियम नहीं है?
श्री कॉमथः ऐसी परम्परा है कि जब कोई सदस्य उसे सुने जाने की इच्छा करे, तो उसे अपनी बात कहने की अनुज्ञा दी जानी चाहिए।
माननीय उपाध्यक्षः मुझे खेद है कि मेरे विरुद्ध अभियोग लग सकता है कि मैं हमेशा दूसरे पक्ष के साथ गलत कर रहा हूँ। मैं प्रायः उन्हें बोलने की अनुज्ञा देता हूं। पर अब संशोधन सदन के समक्ष नहीं है। यह मेरा विनिर्णय है। माननीय सदस्य को कुछ हद तक ‘मर्यादा’ और ‘शालीनता’ दर्शानी चाहिए।
श्री कामथः मुझे ‘शालीनता’ के शब्द के प्रयोग का विरोध करना चाहिए।
माननीय उपाध्यक्षः सदन में इस तरह के अनियमित आचरण को सही नहीं किया जा सकता। कोई माननीय सदस्य कोई प्रस्ताव लाता है और दूसरा कहता है कि वह इस पर बोलना चाहता है। इसका विनिश्चय कौन करेगा? क्या मैं माननीय सदस्य से कहूं कि वह यहां मेरा स्थान ग्रहण कर लें? कार्यवाहियों को विनियमित करने के लिए कोई न कोई तो होना चाहिए। मैं इस निष्कर्ष पर पहुँचा हूं कि सदन इस समस्या से आक्रान्त नहीं है क्योंकि माननीय सदस्य इसके लिए दबाव नहीं डाल रहे हैं। जब तक मैं इसे सदन के समक्ष न रखूं, मामला कतई सदन के समक्ष नहीं आता है। इसके बावजूद, माननीय सदस्य श्री कॉमथ बोलना चाहते हैं, लेकिन किस विषय पर? वह ऐसे प्रस्ताव पर बोलना चाहते हैं, जो सदन के समक्ष नहीं है। जब मैं कहता हूं कि यह सही नहीं है तो वह विरोध करते। अतः सदस्यों के आचरण को विनियमित करना सदन का कार्य है। मैं केवल प्रवक्ता हूं। यह सही नहीं है कि कोई सदस्य सदन का समय ले और विरोध करता रहे। पर जो कुछ हुआ, उसको नजरन्दाज करने में मुझे कोई आपत्ति नहीं है।
श्री कॉमथः मैं दृढ़तापूर्वक विरोध करना चाहूंगा..........
माननीय उपाध्यक्षः यदि वह विरोध करते हैं तो मैं उनसे सदन छोड़ने के लिए कहूंगा।
श्री कॉमथः मैं विरोध करता हूं..........
माननीय उपाध्यक्षः आज दिन भर माननीय सदस्य सदन में प्रवेश नहीं करेंगे। मैं किसी माननीय सदस्य को निकालना नहीं चाहता, किन्तु इस सदन में कुछ हद तक मर्यादा और शालीनता होनी चाहिए। उन्हें अध्यक्ष का विनिर्णय स्वीकार करना चाहिए, बहुमत का निर्णय मानना चाहिए। अंततः, अध्यक्ष ही बहुमत को प्रतिबिंवित करता है। उसे ही निर्णय करने का अधिकार है कि कैसी व्यवस्था होनी चाहिए। इसके बावजूद माननीय सदस्य लगातार यह कह रहे हैं कि उन्हें शेष सदन को नियंत्रित करना होगा।