586 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
माननीय उपाध्यक्षः सदन 11 बजे तक स्थगित किया जाए और इस बीच माननीय सदस्य विधेयक को पढ़ लें और अपने संशोधनों के साथ तैयार हो जाएं।
डॉ. अम्बेडकरः मुझे भी उन संशोधनों, जो मैंने तत्काल स्वीकार किए हैं की बाबत बची-खुची चीजों को देखना है। मुझे यह देखना है कि किस सीमा तक, उनमें परिवर्तन की अपेक्षा है और इसलिए मैं कल भी तैयार नहीं हो सकूँगा।
श्री भारती (मद्रास)ः क्या मैं यह सुझाव दे सकता हूं कि खंड 7 पर चर्चा जारी रहे, किन्तु विनिश्चय कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया जाए? (कई माननीय सदस्यः नहीं, नहीं) किसी भी दशा में इस पर चर्चा जारी रहनी चाहिए, किन्तु विनिश्चय को स्थगित किया जा सकता है।
माननीय उपाध्यक्षः माननीय सदस्य को यह विदित है कि यदि वे खंड 7 और निरर्हता विषयक अन्य खंडों पर एकमत हो जाते हैं, तो ज्यादा चर्चा से बचा जा सकता है। अन्यथा वे केवल हवा बाजी करेंगे। अतः, मैं 11.00 बजे तक सदन स्थगित करता हूं और तत्पश्चात् सदन कार्यसूची के अगले प्रस्ताव अर्थात् भाग ग राज्य सरकार विधेयक पर विचार करेगा।
सदन तब ग्यारह बजे तक स्थगित किया गया।
लोक प्रतिनिधित्व (सं. 2) विधेयक
ऽश्री धुलेः मैं यह प्रस्ताव लाने की अनुमति चाहता हूंः
संशोधनों की पूरक सूची सं. 7 के सं. 2 के रूप में मुद्रित डॉ. अम्बेडकर द्वारा प्रस्तावित संशोधन के नए खंड 47 के उप-खंड (2) में,
(क) पंक्ति 5 में आने वाले फ्प्रारंभय् शब्द के स्थान पर फ्अंतय् शब्द रखें और
(ख) पंक्ति 7 में आने वाले फ्मतों की गणनाय् शब्दों के पूर्व फ्के अंतय् शब्द रखें।
मेरा संशोधन बहुत सामान्य है। यहां एक उपबंध होना चाहिए कि मतगणना समाप्त होने के पूर्व या गणना की समाप्ति के पूर्व उसे अपना नाम रद्द करने में समर्थ होना चाहिए।
विधि मंत्री (डॉ. अम्बेडकर)ः मैं यह संशोधन स्वीकार नहीं कर रहा हूं।
श्री कॉमथः क्या मैं पार्श्व शीर्ष में थोड़े परिवर्तन का सुझाव दे सकता हूँ? प्रारूपकार के मस्तिष्क में यह हो सकता है कि फ्किसी मतदान अभिकर्ता की नियुक्ति को रद्द
ऽसं. वा., खंड 12, भाग II, 28 मई, 1951, पृष्ठ 9480-81