588 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
श्री शिवचरण लाल (उत्तर प्रदेश)ः यह पुनरीक्षित समेकित सं. 1 के पृष्ठ 24 पर संशोधन सं. 233 है।
श्रीमन्, डॉ. अम्बेडकर ने उस उम्मीदवार और उसके अभिकर्ताओं के लिए उपबंध करने का वादा किया था, जो किसी दूसरे निर्वाचन-क्षेत्र में कार्य कर रहे हों। पर वह उनके संशोधन में सम्मिलित नहीं किया गया है।
पंडित ठाकुर दास भार्गव (पंजाब)ः उन्होंने कहा था कि ऐसे नियम बनाए जाएंगे, जिसके द्वारा उम्मीदवार और उनके अभिकर्ताओं को किसी अन्य ढंग से मतदान देने का अवसर प्रदान किया जाएगा।
डॉ. अम्बेडकरः खंड 167 से संबंधित एक संशोधन है, जो इस विषय के बारे में है। मेरे मित्र भी अपना संशोधन ला सकेंगे, जब हम खंड 167 पर चर्चा करेंगे। तब हम विचार कर सकते हैं कि क्या हम फ्उम्मीदवारय् शब्द भी जोड़ नहीं सकते।
माननीय उपाध्यक्षः मैं इस संशोधन पर खंड 167 के संशोधन के रूप में अनुज्ञा दूंगा।
श्री हुसेन इमामः डॉ. अम्बेडकर के संशोधन में स्थानांतरित अधिकारियों के लिए कोई उपबंध नहीं किया गया है। उदाहरणार्थ मद्रास से दिल्ली स्थानान्तरित किसी अधिकारी को मतपत्र मांगने का अधिकार है। अतः यहां एक उपबंध किया जाना चाहिए, जिसके द्वारा कोई सरकारी सेवक स्थानांतरण पर मतपत्र की मांग कर सकता हो।
डॉ. अम्बेडकरः उस विषय पर भी विचार किया जाएगा, जब हम खंड 167 पर विचार करेंगे।
माननीय उपाध्यक्षः रिटर्निंग अधिकारी डाक के माध्यम से मतपत्र स्थानान्तरित करा सकता है।
डॉ. अम्बेडकरः यह ऐसा विषय है जिसे नियमों द्वारा विनियमित किया जा सकता है, जब हम खंड 167 पर विचार करें।
संशोधन किया गयाः
खंड 59 के स्थान पर निम्नलिखित खंड रखेंः
फ्59. कतिपय वर्ग के व्यक्तियों द्वारा मत देने के लिए विशेष प्रक्रियाः धारा 58 में अंतर्विष्ट उपबंधों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, निम्नलिखित को समर्थ बनाने के लिए इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा उपबंध किए जा सकेंगेµ