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(घ) यदि वह स्वयं या उसके विश्वास रखने वाले किसी अन्य व्यक्ति द्वारा या
उसके फायदे के लिए या उसके कारण वह समुचित सरकार द्वारा ली गई
किसी सेवा से निष्पादन के लिए माल की आपूर्ति हेतु किसी संविदा में कोई
शेयर रखता है या हित रखता है_
(घ) यदि वह किसी निगम का निदेशक है या प्रबंध अभिकर्ता है या लाभ का कोई
पद-धारण करता है, जिसमें समुचित सरकार का कोई शेयर या वित्तीय हित है_
(च) यदि भारत सरकार या किसी राज्य की सरकार या भारत में साम्राज्य या किसी
देशी रियासत की सरकार के अधीन कोई पद धारण करने पर, वह चाहे
संविधान के प्रारंभ के पूर्व या पश्चात्, भ्रष्टाचार या राज्य के प्रति देशद्रोह
के लिए बर्खास्त किया गया है, जब तक उसकी बर्खास्तगी से पांच वर्ष की
अवधि न बीत गई हो।
7 कः व्यावृतिµ (1) धारा 7 में किसी बात के होते हुए भीµ
(क) उस धारा के खंड (क) या खंड (ख) के अधीन निरर्हता किसी ऐसे व्यक्ति
की दशा में जो दोषसिद्धि या दोषसिद्धि और दंडादेश के आधार पर इस प्रकार
निरर्हित हो गया है और निरर्हता की तारीख को कोई सांसद या विधायक है,
लागू नहीं होगी, जब तक ऐसी निरर्हता की तारीख से तीन मास का समय
न बीत गया हो या यदि इन तीन महीनों के भीतर याचिका पुनरीक्षण कोई
अपील या दोषसिद्धि या दंडादेश की बाबत न लाई गई हो और जब तक
अपील या याचिका आवेदन का निपटान नहीं होता_
(ख) उस धारा के खंड (ग) के अधीन निरर्हता तक तक प्रभावी नहीं होगी, जब
तक उस तारीख जिससे निर्वाचन-व्यय की विवरणी दर्ज कराई जानी चाहिए
थी, से दो मास की समाप्ति या ऐसी अतिरिक्त अवधि जो निर्वाचन आयोग
किसी विशिष्ट मामले में अनुज्ञात करे_
(ग) उस धारा के खंड (ग) के अधीन निरर्हता वहां तब तक लागू नहीं होगी,
जहां संविदा में शेयर या हित किसी व्यक्ति को विरासत या उत्तराधिकार या
वसीयतदार निष्पादक या प्रशासक द्वारा न्यायमित होता है, उसके न्यायमित हो
जाने के पश्चात् छह मास की समाप्ति तक या ऐसी लंबी अवधि तक जितना
निर्वाचन आयोग किसी विशिष्ट मामले में अनुज्ञात करे_
(घ) कोई व्यक्ति किसी पब्लिक कंपनी जिसका वह शेयरधारक है किन्तु कंपनी के
अधीन लाभ का पद धारण न करने वाला निदेशक या प्रबंध अभिकर्ता नहीं
है और समुचित सरकार के बीच हुई संविदा में अपना शेयर या हित होने के
कारण उस धारा के खंड (घ) के अधीन निरर्हित नहीं होगा।