594 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
मौखिक परिवर्तन करने हैं। उप-धारा (1) की पंक्ति 9 में फ्किसी उम्मीदवार के रूप में नामांकनय् के बजाय मैं इसे फ्ऐसे उम्मीदवार के रूप में नामांकनय् के रूप में रखना चाहता हूं। एतद्द्वारा फ्किसीय् के स्थान पर फ्ऐसेय् शब्द रख रहा हूं। तब उप-धारा (2) में (क) और (ख) को (ख) और (ग) के रूप में पुनर्संख्यांकित करना चाहता हूँ और मैं नया भाग (क) जोड़ना चाहता हूँ जो इस प्रकार होगाः
फ्(क) फ्उम्मीदवारय् का वही अर्थ है जो धारा 78 में है।य्
मैं यथापूर्वोक्त परिवर्तित संशोधन लाना चाहता हूँ। मैं प्रस्ताव लाने की अनुमति चाहता हूँः
भाग 10 में खंड 156 के पश्चात् निम्नलिखित खंड अंतःस्थापित करेंः
फ्166 क. पूर्व देशी रियासतों के शासकों की बाबत विशेष उपबंधµ (1) यदि पूर्व देशी रियासत के शासक को इस अधिनियम के अधीन किसी निर्वाचन के लिए उम्मीदवार के रूप में नामांकित किया जाता है, तो सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (1908 का अधिनियम 5) की धारा 87ख की उप-धारा (1) और दंड प्रक्रिया संहिता, 1898 (1898 का अधिनियम 5) की धारा 197क की उप-धारा (2) और (3) के उपबंध उसके नामांकन की तारीख को आरंभ होने वाली अवधि के दौरान ऐसे शासक के संबंध में लागू नहीं होगा, जिसके निर्वाचन का परिणाम धारा 66 के अधीन प्रकाशित किया जाता है। और वह इस अधिनियम के भाग 6 के अधीन ऐसे निर्वाचन या भारतीय दंड संहिता के अध्याय 9 के अधीन या ऐसे निर्वाचन पर या इसके संबंध में उसके द्वारा अभिकथित रूप से किए गए इस अधिनियम के भाग 7 के अध्याय-3 के अधीन किसी अपराध के लिए ऐसे शासक के विरुद्ध किसी दांडिक कार्यवाही की विधिमान्यता या नियमितता को प्रश्नगत करने की किसी कार्यवाही के संबंध में इसके पश्चात् लागू नहीं होगा।’’
(2) इस धारा मेंµ
(क) फ्उम्मीदवारय् का वही अर्थ है जो धारा 78 में है_
(ख) फ्पूर्व देशी रियासत से कोई ऐसी देशी रियासत अभिप्रेत है जिसे केंद्रीय सरकार
राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस धारा के प्रयोजनों के लिए विनिर्दिष्ट करे।
(ग) पूर्व देशी रियासत के संबंध में फ्शासकय् से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है जिसे
तत्कालीन राष्ट्रपति द्वारा संविधान के प्रयोजनों के लिए उस राज्य के शासक के
रूप में मान्यता प्रदान की गई है।य्
माननीय उपाध्यक्षः डॉ. अम्बेडकर का संशोधन लाया गया।