34. लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक - Page 612

597

होते हुए उस मतदान केंद्र पर जिस पर वह मत देने का हकदार नहीं है, काम के लिए प्राधिकृत या नियुक्त है।य्

माननीय उपाध्यक्षः संशोधन पेश किया गया।

माननीय उपाध्यक्षः संशोधन का यह आशय होगा कि नियमों में ऐसी रीति के विनियमित करने का उपबंध हो सकेगा जिसमें कोई उम्मीदवार या निर्वाचन अभिकर्ता या उम्मीदवार का अन्य अभिकर्ता जिसमें यह मतदाता नहीं है, मत दे सकता है।

श्री जे.आर. कपूर (उत्तर प्रदेश)ः उससे कठिनाई दूर नहीं होगी, क्योंकि उम्मीदवार किसी विशिष्ट निर्वाचन-क्षेत्र में मतदाता हो सकता है, किन्तु निर्वाचन-क्षेत्र इतना व्यापक होता है कि किसी विशिष्ट समय पर जहां उसे अपना मत देना है, वह ऐसे क्षेत्र जिसमें उसे अपना मत देना है के भीतर उस विशिष्ट मतदान केंद्र पर नहीं पहुंच सकता।

माननीय उपाध्यक्षः किसी निर्वाचन-क्षेत्र में अनेक मतदान केंद्र होते हैं। कुल मिलाकर, किसी निर्वाचन-क्षेत्र के दो या तीन भाग हो सकते हैं। वह किसी मतदान केंद्र पर होगा। क्या सब लोगों के लिए यह उपबंध करना आवश्यक है?

पंडित ठाकुर दास भार्गवः इसालिए उसे उसी मतदान केंद्र पर मत देने की अनुज्ञा दी जाए जहां वह उस समय उपस्थित हो। वह निर्वाचन-क्षेत्र में हो सकता है, किन्तु किसी विशिष्ट मतदान केंद्र पर नहीं। निर्वाचन-क्षेत्र का विस्तार पूरे जिले तक हो सकता है। वह एक मतदान केंद्र पर होगा। उसे उस मतदान केंद्र पर मत देने की अनुज्ञा दी जानी चाहिए, जहां वह समय हो।

डॉ. अम्बेडकरः उम्मीदवारों के संबंध में दो प्रश्नों पर विचार किया जाना है। एक प्रश्न यह है कि कोई उम्मीदवार सर्वथा एक दूसरे प्रांत का है। उसका निर्वाचन-क्षेत्र उस राज्य में नहीं है जिसमें वह है। यह एक प्रश्न है। दूसरा प्रश्न यह है कि किसी निर्वाचन-क्षेत्र में अनेक मतदान केंद्र हैं। वह किसी विशिष्ट मतदान केंद्र के क्षेत्र में रह रहा है। और उसे वहां जाकर वोट देने की परिकल्पना है। वह तार्किक परिणाम है। मानों निर्वाचन के दिन अपने दैनिक भ्रमण में वह विशिष्ट मतदान केंद्र या मतदान बूथ के नजदीक कहीं नहीं है बल्कि कहीं अन्यत्र है।

माननीय उपाध्यक्षः विधि मंत्री कृपया विचार करें कि क्या उम्मीदवार या उसका अभिकर्ता उस खंड (घघ) में सम्मिलित नहीं किया जा सकता, जिसका उन्होंने प्रस्ताव किया है।

डॉ. अम्बेडकरः मैं उस विषय पर आ रहा हूं। जो मैंने सुझाव दिया है वह यह है। जैसा कि मैंने कहा ऐसे दो मामले हैं जिनके बारे में उपबंध करना है। प्रो. शिब्बन लाल सकसेना केवल ऐसे उम्मीदवार के मामले का उपबंध कर रहे हैं जो दूसरे प्रांत से आ रहा है। दूसरे मामले का अब भी उपंबध नहीं है।