598 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
माननीय उपाध्यक्षः उसे यहां सम्मिलित किया जा सकता है, फ्ऐसी रीति जिसमें किसी पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी, मतदान अभिकर्ता या उम्मीदवार या उसके अभिकर्ताओं आदि द्वारा मतदान किया जाना है।य्
डॉ. अम्बेडकरः यह खंड पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी, मतदान अभिकर्ता या किसी अन्य व्यक्ति जो किसी निर्वाचन-क्षेत्र का मतदाता होते हुए ऐसे मतदान केंद्र पर ड्यूटी के लिए प्राधिकृत या नियुक्त है जिस पर वह मत देने का हकदार नहीं है, के बारे में है। यह दो प्रवर्गों के उम्मीदवारों को सम्मिलित नहीं करता। अतः दोनों प्रवर्गों के लिए उपबंध करना है।
माननीय उपाध्यक्षः आप उन्हें सम्मिलित कर सकते हैं।
डॉ. अम्बेडकरः संभवतः, संशोधन पर पुनर्विचार करना बेहतर उपाय होगा। इसे 3.00 बजे ले सकते हैं, जिससे हम उचित संशोधन कर सकें।
पंडित ठाकुर दास भार्गवः उम्मीदवार और उसके निर्वाचन अभिकर्ता को सम्मिलित करें।
श्री हुसेन इमामः मैंने प्रातःकाल यह सुझाव दिया था कि ऐसे सरकारी सेवक जिनका स्थानान्तरण एक स्थान से दूसरे स्थान को हो गया है, को अपना मत देने की सुविधाएं दी जानी चाहिएं। यह सरकार की नियम बनाने की शक्ति में सम्मिलित किया जा सकता है। मैं माननीय मंत्री जी को याद दिलाना चाहता हूं कि सरकारी सेवकों और स्थानीय स्वशासन और सार्वजनिक उपयोगिता सेवा में लगे ऐसे लोगों को, जिनका नामांकन के पश्चात् एक स्थान से दूसरे स्थान को स्थानांतरण हो गया है, उचित सुविधाएं दी जानी चाहिए।
श्री कॉमथः श्रीमन्, मेरे पास दो संशोधन हैं।
माननीय उपाध्यक्षः मैं उन पर आ रहा हूँ। मुझे सदन के समक्ष प्रो. सक्सेना का संशोधन रखने दीजिए।
डॉ. अम्बेडकरः मैं सोच रहा हूं कि संभवतः यदि इसे उचित प्रारूप में रखा जाता है, तो मैं इसे स्वीकार करने की स्थिति में हो सकता हूं। इसलिए हम 3.00 बजे तक इसे स्थगित कर सकते हैं। इस बीच हम इसे कुछ उचित भाषा में प्रस्तुत करने में समर्थ हो सकते हैं।
माननीय उपाध्यक्षः शेष संशोधनों को भी डॉ अम्बेडकर को सौंपा जा सकता है।
श्री कॉमथः मैं यह प्रस्ताव पेश करने की अनुमति चाहता हूँः
खंड 167 के उप-खंड (2) के भाग (छ) के पश्चात् निम्नलिखित नए भाग को अंतःस्थापित करें और तदनुसार बाद वाले भाग को पुनः अक्षरांकित करें।