34. लोक प्रतिनिधित्व (संशोधन) विधेयक - Page 620

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आकृष्ट करता हूं जिसके द्वारा उन्होंने चौधरी को रोहिणी, एक स्त्री का नाम बुलाकर उन्हें स्त्री बना दिया। मैं आशा करता हूं कि शासकीय रिपोर्ट में नाम का ठीक उल्लेख किया जाएगा। रोहित कुमार एक पुरुष का नाम है।

माननीय अध्यक्षः शांत रहें, शांत रहें।

श्री कॉमथः श्रीमन्, यह गंभीर विषय है।

डॉ. अम्बेडकरः मैंने क्या कहा?

श्री कॉमथः आपने कहा, रोहिणी।

डॉ. अम्बेडकरः यह उनका नाम है, जिससे मैंने उन्हें पुकारा।

श्री कॉमथः उनका नाम रोहिणी कुमार चौधरी है, न कि रोहिणी।

डॉ. अम्बेडकरः मैं नहीं समझता कि उन्होंने मुझे गलत समझा।

श्री आर.के. चौधरीः नहीं।

डॉ. अम्बेडकरः वे गलत समझने से इनकार करेंगे। मैं आश्वस्त हूं।

चौधरी रणवीर सिंहः इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि माननीय विधि मंत्री ने ठीक अभी यह विचार व्यक्त किया है कि सहकारी सोसाइटी पब्लिक कंपनी अधिनियम के अधीन नहीं आ सकती हैं और जहां तक मेरी जानकारी है, मैं आश्वत हूं कि सहकारी सोसाइटियां भिन्न अधिनियम के अधीन रजिस्ट्रीकृत हैं। अतः क्या मैं जान सकता हूं कि सहकारी सोसाइटियों के शेयरधारक जो किसी सरकार के अधीन संविदा करते हैं, निर्वाचनों में खड़े होने के लिए निरहित होंगे। या नहीं?

कई माननीय सदस्यः निरर्हित नहीं होंगे।

माननीय अध्यक्षः मैं माननीय सदस्यों से यह जानना चाहता हूं कि किसने संशोधनों को पेश किया है यदि उनमें से कोई अपने संशोधनों को वापस लेना चाहता है या वे मुझसे उन्हें सदन के समक्ष रखवाना चाहते हैं?

श्री श्यामानन्दन सहायः श्रीमन्, सहकारी सोसाइटियों के विषय पर थोड़े स्पष्टीकरण की अपेक्षा है। डॉ. अम्बेडकर का कहना है कि सहकारी सोसाइटियों को अपवर्जित नहीं किया है। ‘अपवर्जन’ शब्द का क्या अर्थ है_ हम नहीं समझते। क्या उनका निदेशक?

डॉ. अम्बेडकरः कोई निरर्हता नहीं है। कोई भी निरर्हता उन पर लागू नहीं होगी।

श्री श्यामानन्दन सहायः मैं संशोधनों को वापस लेने की अनुमति चाहता हूँ।

संशोधन अनुमति से वापस लिए गए।