610 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
डॉ. अम्बेडकरः मैं संशोधन स्वीकार नहीं करता।
श्री सतीशचन्द्र (उत्तर प्रदेश)ः मैं पूर्व तीन वक्ताओं का समर्थन करता हूं। मैं स्वयं लम्बरदार रहा हूं। मेरे पास अपनी जमींदारी में दस गांव थे और उनमें से प्रत्येक के लिए तथाकथित रूप से मैं लम्बरदार हूं। भाग्यवश उनमें से अधिकांश में कोई सहःअंशधारी नहीं है। मैं पूरे ग्राम का स्वामी हो सकता हूं, लेकिन क्योंकि मैं सरकार को भू-राजस्व देता हूं इसलिए सरकारी राजस्व शब्दावली के अनुसार मुझे लम्बरदार कहा जाता है। मैंने अपने जीवन में कभी कल्पना नहीं की थी कि मैं एक सरकारी सेवक हूं या यह कि सरकार से जुड़ी किसी पदीय हैसियत में हूं। ऐसा कोई व्यक्ति जो सरकारी खजाने में भू-राजस्व जमा करता है, उत्तर प्रदेश में लम्बरदार कहलाता है। मैं नहीं जानता कि दूसरे राज्यों में क्या व्यवस्था है। किन्तु उत्तर प्रदेश में ऐसा कोई व्यक्ति जो ग्राम में अकेले अपनी ओर से या अपने सह-अंशधारियों की ओर से सरकारी खजाने में भू-राजस्व जमा करता है, लम्बरदार कहलाता है। मैं नहीं जानता कि स्पष्टतः किस अर्थ में इस शब्द को यहां अंतःस्थापित किया गया है। किन्तु यदि यहां लम्बरदार का अर्थ जमींदार है, जो उत्तर प्रदेश या कहीं अन्यत्र भू-राजस्व के संदाय के लिए उत्तरदायी है, तो इसे लोप किया जाए।
डॉ. अम्बेडकरः मैं इस बारे में कुछ कहना चाहता हूं। मैं बिल्कुन नहीं समझता कि मेरे मित्र पंडित कुंजरु क्यों इस पर इतना गुस्सा हो गए। वह प्रवर समिति के सदस्य थे। यह खंड प्रवर समिति द्वारा सम्मिलित किया गया था। यह एक एकमत खंड था। समिति के सभी सदस्यों ने अपने भिन्न-भिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व किया था। मैं बम्बई या मध्य प्रदेश के बारे में प्रमाण के साथ कह सकता हूं। मैं अन्य राज्यों के बारे में प्रमाण से नहीं कह सकता हूं। ये नाम और लोगों के प्रवर्ग प्रवर समिति द्वारा विभिन्न राज्यों के लोगों द्वारा जो जानते थे कि वे किसके बारे में बात कर रहे हैं, सम्मिलित किए गए थे। किसी भी दशा में मैं यह स्वीकार करता हूं कि वे जानते थे कि वे किसके बारे में बात कर रहे थे। मैं अपने उत्तरदायित्व पर इसे शामिल नहीं करता और मैं यह नहीं जानता कि वे ऐसी छोटी बातें जिसके बारे में उन्होंने उद्गार व्यक्त किए, के संबंध में मुझ पर कैसे आरोप लगा रहे हैं। (व्यवधान)। मैंने यह नहीं किया है। यह प्रवर समिति द्वारा किया गया है। पंजाब के सदस्य, उत्तर प्रदेश के सदस्य, वे सभी उपस्थित थे और उन लोगों ने कहा था कि लम्बरदार सम्मिलित किया जाना चाहिए। मैंने अपनी ओर से कभी लम्बरदार सम्मिलित नहीं किया। किन्तु यदि सदन का यह मत है कि लम्बरदार किसी अर्थ में कर्मचारी नहीं है तो मैं इसका लोप करने के लिए तैयार हूं। किन्तु उन्हें उत्तरदायित्व लेना चाहिए। मैं उत्तरदायित्व नहीं ले सकता। मैंने यह पता लगाने के लिए विभिन्न राज्यों की राजस्व विधियों की पड़ताल नहीं की कि क्या लम्बरदार कोई कर्मचारी है या नहीं। यदि यहां उपस्थित गणमान्य व्यक्ति अपने राज्यों के बारे में अधिकार से यह कह सकते हैं कि लम्बरदार कोई कर्मचारी नहीं है, तो मुझे इसे हटाने में कोई आपत्ति नहीं है। इसमें मेरी कोई रुचि नहीं है।