41. निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के बारे में प्रस्ताव - Page 104

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क्या राज्य सरकार इस प्रक्रम पर भी कार्यपालक आदेश द्वारा उनकी सदस्यता को ले सकती है?

डॉ. अम्बेडकर : निर्वाचन होने से पहले संपूर्ण नगरपालिका को पूर्णतः निर्वाचित बनाने के लिए स्थानीय विधानमंडल एक अन्य नगरपालिका अधिनियम पारित करने के लिए निश्चित रूप से बिल्कुल स्वतंत्र है ताकि मेरे मित्र द्वारा उठाई गई कठिनाई समाप्त की जा सके। किंतु ऐसा कुछ नहीं है जिसे यह संसद इस मामले में नहीं कर सकती है।

श्री चट्टोपाध्याय : क्या मैं जान सकता हूँ कि क्या विधि मंत्री इस संबंध में राज्य सरकार को अनुदेश देने जा रहे हैं?

डॉ. अम्बेडकर : मैं मानता हूँ कि प्रधानमंत्री इस प्रश्न पर विचार करेंगे और मंत्रालय को सूचित करेंगे यदि वे यह सोचते हैं कि यह वांछनीय है कि नाम निर्देशित सदस्यों को निर्वाचन में भाग नहीं लेना चाहिए।

श्री चट्टोपाध्याय : क्या मैं इस मामले में प्रधानमंत्री की राय जान सकता हूँ?

प्रधानमंत्री (श्री जवाहर लाल नेहरू) : मुझे खेद है, मैं तर्क को बिल्कुल नहीं

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समझ पाया हूँ....................।

डॉ. अम्बेडकर : मैं प्रधानमंत्री को बताता हूँ कि प्रश्न यह है कि पश्चिमी बंगाल में नगर पालिकाएँ हैं जहाँ नगरपालिका की अधिकांश सदस्यता नाम निर्देशन द्वारा होती है......................।

श्री सोंधी (पंजाब) : पंजाब में भी।

डॉ. अम्बेडकर : पंजाब में भी। हमारे संविधान में जब हमने ऊपरी सदन के गठन के प्रश्न पर विचार किया था तो हमने ‘‘निर्वाचित सदस्यों’’ की अर्हता किए बिना ‘‘नगरपालिका के सदस्यों’’ की मात्र साधारण अभिव्यक्ति प्रयुक्त की थी। प्रश्न यह उत्पन्न हुआ है कि क्या यह वांछनीय है कि नगरपालिका के नामनिर्देशित सदस्यों को भी ऊपरी सदन के सदस्यों के निर्वाचन में भाग लेना चाहिए। मैंने जो उत्तर दिया, वह यह है कि यद्यपि इस तथ्य के कारण हमारे लिए कुछ करना संभव नहीं है कि हमारे सामने ये सांविधानिक उपबंध है, फिर भी, चूंकि नगरपालिकाएं राज्य के अध्यधीन हैं, राज्य सरकारों के लिए अपने नगरपालिका अधिनियमों में परिवर्तन करने की संभावना होगी, जिससे वे नगरपालिकाओं से नामनिर्देशित सदस्यों को समाप्त कर सकें। मेरे सामने किया गया प्रश्न यह था कि क्या केंद्र सरकार कुछ कर सकती है। मैंने कहा- एकमात्र उत्तर जिसका मैं सुझाव दे सकता हूँ वह यह है कि संभवतः प्रधानमंत्री यदि ठीक समझें, पश्चिमी बंगाल या पंजाब के मुख्यमंत्रियों को अनुदेश दे सकते हैं कि यह विसंगति समाप्त की जाए।