| Col1 | Col2 |
|---|---|
(42)
सभा का कार्य
माननीय उपाध्यक्ष : सभा के कार्य और छुट्टियों के बारे में माननीय प्रधानमंत्री वक्तव्य देंगे। प्रधानमंत्री व सभा के नेता (श्री जवाहर लाल नेहरू) : मेरे विचार में कल मुहर्रम
का दसवाँ दिन होने के कारण, हमारी छुट्टियों की सूची में छुट्टी अधिसूचित की गई है। किंतु मुझे पता चला है कि निर्धारित तिथि के अनुसार चाँद नहीं निकला और अब हिसाब लगाया गया है कि दसवाँ दिन कल की बजाय परसों पड़ता है और इसी कारण दिल्ली के मुख्य आयुक्त ने मुहर्रम के लिए परसों की छुट्टी घोषित कर दी है। इसलिए मेरा सुझाव यह है कि यह सभा भी कल की बजाय परसों मुहर्रम की छुट्टी रखे अर्थात् कल की बैठक होगी, परसों की नहीं।
श्री कॉमथ (मध्य प्रदेश) : क्या कल सत्र का अंतिम दिन होगा?
श्री जवाहर लाल नेहरू : यह मैं नहीं कह सकता।
माननीय उपाध्यक्ष : कार्य सूची के अनुसार बहुत सारा काम पड़ा है।
श्री जवाहर लाल नेहरू : सभा की बैठक कल होगी। परसों बैठक नहीं होगी। किंतु हो सकता है हमें एक और दिन के लिए संभवतः रविवार को बैठक करनी पडे़।
पंडित कुंजरू (उत्तर प्रदेश) : रविवार को क्यों, सोमवार को क्यों नहीं?
श्री जवाहर लाल नेहरू : इसके बारे में विचार किया जा सकता है। रविवार और सोमवार क्यों नहीं?
पंडित कुंजरू : हमारे विषेशाधिकार ब्रिटेन के हाऊस आफ कॉमन्स के अनुरूप हैं और चूॅंकि हाउस आफ कामन्स की बैठक रविवार को नहीं होती, हमें भी पूरा अधिकार है कि हम भी रविवार को बैठक न रखें।
श्री जवाहर लाल नेहरू : हाउस आफ कॉमन्स तो मुहर्रम के दिन भी बैठक करता है।
पंडित कुंजरू : यदि सभा के माननीय नेता ऐसा सुझाव देने की हिम्मत रखते