100 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
हों तो हम सभा की बैठक मुहर्रम के दिन रख सकते हैं।
श्री जवाहर लाल नेहरू : मैं सभा की बैठक रविवार को रखने की, सभा को सुझाव देने की हिम्मत रखता हूँ।
पंडित कुंजरू : यह बात हमारे विशेषाधिकार के विरुद्ध है।
श्री कॉमथ : मैं सुझाव देना चाहता हूँं कि रविवार को बैठक रखने के बजाय हम मुहर्रम का त्यौहार, छुट्टी करने की बजाय, बैठक रखकर क्यों न मनाएं और अधिक परिश्रम से देश की सेवा करें जैसे कि हमने विनायक चतुर्थी और अनंत चतुर्दशी के अवसर पर किया था?
माननीय उपाध्यक्ष : इस विषय पर चर्चा करने की आवश्यकता नहीं है। कल
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कार्य दिवस रहेगा। यद्यपि मूलतः 12 तारीख की छुट्टी अधिसूचित की गई थी, संसद की बैठक कल होगी। छुट्टी परसों के दिन के लिए स्थानांतरित कर दी जाएगी। कार्य सूची में बहुत सारा काम पड़ा है और यदि सरकार काम को जारी रखना चाहती है तो हम निश्चय ही सोमवार और मंगलवार को भी बैठ सकते हैं।
जहाँ तक रविवार का संबंध है, मैं सामान्य स्थिति में, रविवार को बैठक रखने के विरुद्ध हूँ किन्तु हम इस बारे में, बाद में, कार्य की स्थिति देखकर विचार करेंगे।
अब सभा उद्योग विधेयक पर आगे विचार करेगी।
डॉ. अम्बेडकर : उठे.......................
माननीय उपाध्यक्ष : माननीय मंत्री मध्याह्न अपना वक्तव्य दे सकते हैं।
डॉ. अम्बेडकर : इस विधेयक के पश्चात्?
माननीय उपाध्यक्ष : लगभग 6 बजे।
डॉ. अम्बेडकर : आप और मेरे तथा प्रधानमंत्री के बीच हुई बातचीत में पहले ही तय हो चुका है कि मैं 6 तारीख को अपना वक्तव्य दे सकता हूँ। चूॅूंकि 6 तारीख को सभा का कोई कार्य समाप्त नहीं हो पाया था, आपने निश्चित रूप से 6 तारीख को स्वीकार किया था कि आप कार्य निष्पादन संबंधी नियम को निलंबित करके 11 तारीख को मुझे अपना वक्तव्य देने की अनुमति देंगे। इसलिए अब समय आ गया है जब मुझे अपना वक्तव्य देना चाहिए जो भूतपूर्व मंत्री के रूप में पढ़ा जाएगा। मेरे विचार में 6 बजे बात तो नहीं हुई थी।
माननीय उपाध्यक्ष : यह सच है कि मैंने माननीय विधि मंत्री से कहा था कि मैं नियम को निलंबित कर दूंगा। सामान्य तौर पर नियम 128 के अधीन, प्रश्न काल के तत्काल बाद, कोई भी मंत्री महोदय, जिसने त्याग-पत्र देने के कारण स्पष्ट करने