43. डॉ. अम्बेडकर का त्याग पत्र - Page 127

110 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

वाले भाग को भी अंततोगत्वा स्थगित करना पड़ा। मै इस बात को भी समझता हूँ कि आपने इस पर बहुत मेहनत की थी और आपकी भावनाएं उससे जुड़ी हुई हैं। यद्यपि मैं इस विधेयक से बहुत अधिक नहीं जुड़ा रहा परंतु मैं काफी समय से इसकी आवश्यकता को महसूस करता रहा हूँ और मेरी उत्कट इच्छा थी कि यह पास हो जाए। मैंने बहुत प्रयत्न किया, परंतु भवितव्य और संसद के नियम हमारे विरुद्ध थे। अब मुझे यह स्पष्ट हो चुका है कि हम ऐसा कुछ नहीं कर सकते कि इस विधेयक को इसी सत्र में पास करवाया जा सके। मैं निजी रूप से इस संघर्ष से जूझता रहूँगा, मैं इसको छोडूँगा नहीं, क्योंकि मेरे विचार में, किसी भी दिशा में प्रगति के लिए, आगे बढ़ने हेतु इसका पास होना अत्यंत आवश्यक है।

आपका कहना है कि आप चाहते हैं कि आपका त्याग-पत्र तुरंत प्रभावी हो जाए। परंतु उसके साथ आपने सुझाव दिया है जोकि बहुत अच्छी बात है, कि आपके नाम से जो विधेयक और प्रस्ताव हैं, उनके निपटान तक आप रुक सकते हैं। मैं इस विषय में विचार करूंगा। किसी भी स्थिति में यह सत्र 6 अक्तूबर तक ही चलेगा अर्थात् आज से एक सप्ताह से कुछ अधिक समय तक चलेगा। कुछ दिनों की अवधि में प्राथमिकताओं की अधिक गुंजाइश नहीं रह जाती। हम यथाशीघ्र आपके विधेयक व प्रस्ताव निपटाने का प्रयास करेंगे। इसलिए मैं आशा करता हूँ कि आप सत्र के अंत तक अपने पद पर बने रहेंगे।

शुभकामनाओं सहित

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उन्होंने इस बात का उत्तर 1 अक्तूबर को इस प्रकार भेजा थाः- ‘‘मुझे आपका

28 सितंबर, 1951 का पत्र मिला जिसमें आपने मुझे मेरा त्याग-पत्र स्वीकार कर लिए जाने की सूचना दी है। चूंकि आप चाहते हैं कि मैं इस सत्र के अन्त तक अपने पद पर बना रहूँ, जो मेरी जानकारी के अनुसार इस मास की 6 तारीख तक चलेगा, मैं आपकी इच्छानुसार ऐसा करने को तैयार हूँ।

मैं भी आपको सूचित करना चाहता हूँ कि मेरा विचार संसद में एक वक्तव्य देने का है जो सेवा मुक्त होने वाला मंत्री सामान्य तौर पर देता है।’’

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इसका दिनांक 3 अक्तूबर का मेरा उत्तर निम्नलिखित थाः-

‘‘आप निश्चय ही सत्र के अंतिम दिन सदन में अपना वक्तव्य दे सकते हैं। मुझे अभी ज्ञात नहीं है कि सत्र का अंतिम दिन कौन-सा होगा। ऐसा लगता है कि 6 अक्तूबर सत्र का अंतिम दिन नहीं होगा।

संभव है कि आपके वक्तव्य के बाद मैं भी कोई वक्तव्य दूँ। इसलिए यदि आप मुझे अपने दिए जाने वाले वक्तव्य की एक प्रति भिजवा देंगे तो मैं आपका आभारी रहूँगा।