116 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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2824 श्री सोनवाने : (क) क्या विधि मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या यह सच है कि बंबई राज्य में निर्वाचक नामावलियाँ हिन्दी में प्रकाशित की गई हैं;
(ख) क्या यह सत्य है कि केन्द्र ने बंबई राज्य को निर्देश दिया है कि पहले ही से हिन्दी में प्रकाशित निर्वाचक नामावलियों को अंग्रेजी में भी प्रकाशित किया जाए; और
(ग) यदि हाँ, तो ऐसा निर्देश क्यों दिया गया और इनके प्रकाशन पर कितनी अतिरिक्त लागत आएगी तथा इसे किसके द्वारा वहन किया जाएगा?
डॉ. अम्बेडकर : (क) बंबई राज्य में निर्वाचक नामावलियों को संबंधित जिलों की क्षेत्रीय भाषाओं अर्थात् गुजराती, मराठी और कन्नड़ में प्रकाशित किया गया है। बेलगाम और दक्षिण सतारा जैसे द्विभाषी जिलों में निर्वाचक नामावलियों को मराठी तथा कन्नड़ दोनों भाषाओं में प्रकाशित किया गया है। बंबई शहर में निर्वाचक नामावलियाँ को देवनागरी लिपि में प्रकाशित किया गया है।
(ख) और (ग) : माननीय सदस्य से अनुरोध किया जाता है कि वे दिनांक 13 फरवरी, 1951 को श्री कॉमथ द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न संख्या 1409 के भाग (ख) के मेरे उत्तर का अवलोकन करें।
बंबई शहर में अंग्रेजी भाषा में निर्वाचन नामावलियों के प्रकाशन पर छह लाख रुपए की लागत आने की संभावना है और इस खर्च को बंबई सरकार तथा केन्द्र सरकार द्वारा उसी प्रकार वहन किया जाएगा। जिस प्रकार कि मतदाता सूचियों को तैयार करने में हुए अन्य खर्च को वहन किया जाता है।
श्री सोन वाने : मैं जानना चाहता हूँ कि निर्वाचक नामावलियाँ कितने दिनों तक या कितनों महीनों के पश्चात् बंबई शहर में देवनागरी लिपि में प्रकाशित हो पाई
* संसदीय वाद-विवाद, खंड-7, भाग- I, 7 अप्रैल, 1951, पृ. 2957