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3233 श्रीमती दुर्गाबाई : (क) क्या विधि मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि उच्चतम न्यायालय में भारत सरकार और राज्य सरकारों का प्रतिनिधित्व करने हेतु वकीलों को नियुक्त करने के लिए क्या पद्धति अपनाई जाती है;
(ख) मंत्रालय के अधीन किस एजेन्सी को सरकार की ओर से वकीलों को नियुक्त करने का कार्य सौंपा गया है;
(ग) विभिन्न मामलों में सरकार का प्रतिनिधित्व करने के लिए वकीलों का चयन करने हेतु क्या कोई पैनेल बनाया गया है;
(घ) इन वकीलों का शुल्क किस आधार पर निर्धारित किया जाता है?
विधि मंत्री डॉ. अम्बेडकर : (क) उच्चतम न्यायालय में भारत सरकार के
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लगभग सभी मामलों को हमेशा महान्यायवादी (अटार्नी जनरल) देखते रहे हैं। उनकी सहायता के लिए एक जूनियर काउंसिल होता है जिसका चयन मामले की प्रकष्ति और महŸा को देखते हुए अटार्नी जनरल से परामर्श करके किया जाता है। इसी प्रकार राज्य सरकार के मामलों को सामान्यतः राज्य के महाधिवक्ता (एडवोकेट-जनरल) द्वारा देखा जाता है जिसकी सहायता के लिए एक जूनियर काउंसिल होता है। किसी काउंसिल विशेष की नियुक्ति के समय राज्य सरकारों के निर्देशों का पालन किया जाता है।
(ख) विधि मंत्रालय की केन्द्रीय एजेन्सी अनुभाग का प्रभारी जो सरकारी एजेन्ट होता है, भारत सरकार की ओर से और उन राज्य सरकारों की ओर से भी, जो उस अनुभाग को अपना कार्यभार सौंपती हैं। काउंसिल की नियुक्ति करता है।
(ग) केन्द्रीय एजेन्सी अनुभाग में वकीलों का कोई पैनल नहीं रखा जाता है। सरकारी एजेन्ट उच्चतम न्यायालय में वकालत करने वाले काउंसिलों की एक सूची
* संसदीय वाद-विवाद, खंड-7, भाग- I, 18 अप्रैल, 1951, पृ. 3315