120 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
श्री आर. एन. टिक्कू
श्री एम. के. पिल्लै
श्री पी. एम. नथवानी
| Jh ih- twfu;j | Col2 | Col3 | Col4 |
|---|---|---|---|
| t | wf |
| Col1 | Col2 | Col3 | Col4 |
|---|---|---|---|
| y |
| d | ds |
|---|---|
| s |
| “k | qYd | Col3 |
|---|
| d | k |
|---|
| fuèkkZj. | Col2 |
|---|---|
| kZj |
| ke | kU; | r |
|---|
जाता है :
विशेष इजाजत याचिका का विरोध करने के लिए सोने की दस मोहरें दांडिक अपीलों अथवा संविधान के अनुच्छेद 32 के अधीन रिट याचिका के लिए मामले की प्रकृति के अनुसार दस से बीस सोने की मोहरें प्रति दिन।
मामले की प्रकृति के अनुसार सिविल अपीलों के लिए पन्द्रह से बीस सोने की मोहरें प्रतिदिन। परन्तु जिन मामलों में महत्वपूर्ण मुद्दे अन्तर्ग्रस्त होते हैं उनमें काउंसल को और अधिक शुल्क दिया जाता है किन्तु किसी भी स्थिति में सोने की चालीस मोहरों से अधिक नहीं।
जिन मामलों में अटार्नी जनरल राज्य सरकार की ओर से न्यायालय में हाजिर होते हैं उन्हें सौ स्वर्ण मोहरें प्रतिदिन के हिसाब से दी जाती हैं और जब वे केन्द्र सरकार की ओर से हाजिर होते हैं तो उन मामलों के सिवाय जिनमें खर्च विरोध पक्षकार से वसूल किया जाता है कोई शुल्क नहीं दिया जाता।
जिन मामलों में राज्य सरकार सीधे ही अन्य वकीलों को नियुक्त करती है उन्हें सीधे वही सरकार शुल्क देती है।
*****