128 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
| foè | kku | e | aMy |
|---|
(33)
3845 श्री चट्टोपाध्याय : विधि मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे किः
(क) वर्ष 1950-51 में पश्चिमी बंगाल विधानमंडल में कितनी सीटें एक वर्ष से अधिक समय खाली पड़ी हुई थीं;
(ख) उनमें से कितनी सीटें ऐसी हैं जिनके लिए अभी तक चुनाव नहीं हुए हैं;
(ग) क्या उन्हें आगामी आम चुनावों से पूर्व भर लिया जाएगा और;
(घ) इतने लम्बे समय से उन सीटों के खाली पड़े रहने के क्या कारण हैं?
विधि मंत्री (माननीय डॉ. अम्बेडकर) : राज्य विधानमंडलों में आकस्मिक रिक्तियों
| csM | dj½ |
|---|
को भरने से भारत सरकार का कोई संबंध नहीं है। चुनाव आयोग से निम्नलिखित सूचना प्राप्त हुई है :-
(क) सात
(ख) दो
(ग) आशा है कि शेष दो सीटों के लिए बहुत जल्दी ही उपचुनाव कराए जाएंगे।
(घ) इन खाली सीटों को भरने में हुआ विलम्ब वर्तमान पश्चिम बंगाल विधानसभा के कार्य-काल के संबंध में कुछ समय से उत्पन्न अनिश्चित्ता की वजह बताया गया है। इस देरी का पहला कारण तो उस विधानसभा का प्रस्तावित पुनर्गठन है और दूसरा, अप्रैल-मई, 1951 में आम चुनाव कराने के संबंध में पूर्व निर्णय है।
श्री चट्टोपाध्याय : तो क्या यह समझूं कि राज्य विधानमंडल में रिक्त पड़ी सीटों को तत्काल भरने के संबंध में केन्द्र सरकार की कोई जिम्मेदारी नहीं है?
डॉ. अम्बेडकर : जी नहीं। कोई जिम्मेदारी नहीं है। यह तो पूर्ण रूप से प्रांतीय
* संसदीय वाद-विवाद, खंड-7, भाग- I, 5 मई, 1951, पृ. 3931