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* उड़ीसा में आम चुनाव
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उड़ीसा में आम चुनाव
4553 श्री सिधवा : (क) विधि मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या यह सच है कि मद्रास सरकार के अलावा, उड़ीसा सरकार ने केन्द्र सरकार को यह सुझाव दिया है कि चुनाव जनवरी-फरवरी, 1952 माह में होने चाहिएं?
(ख) यदि हाँ, तो केन्द्र सरकार ने उड़ीसा सरकार को क्या जवाब भेजा है?
विधि मंत्री (डॉ. अम्बेडकर) : (क) और (ख) : चुनाव आयोग को उड़ीसा सरकार की ओर से एक संदेश प्राप्त हुआ था जिसमें यह कहा गया था कि उनके राज्य में नवम्बर-दिसम्बर, 1951 के दौरान सभी जिलों में चुनाव का एक ही समय निर्धारित करने में कुछ कठिनाइयाँ हैं। और उन्होंने यह सुझाव दिया था कि चुनावों के लिए जनवरी-फरवरी के महीने बेहतर हो सकते हैं। हालांकि राज्य सरकार ने नवम्बर-दिसम्बर की समय-तालिका का पालन करने की इच्छा व्यक्त की थी बशर्तें कि राज्य के कुछ हिस्सों में चुनाव 15 नवम्बर के बाद कराया जाए और शेष भागों में 10 से 22 दिसम्बर, 1951 के दौरान कराए जाएं। चुनाव आयोग ने राज्य सरकार को उत्तर दिया है कि चुनाव कार्यक्रम को किसी भी स्थिति में दिसम्बर, 1951 के आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं दी जा सकती और आयोग को चुनावों के नवम्बर से लेकर दिसम्बर तक होने में कोई एतराज नहीं है, जैसा कि प्रस्तावित किया गया है। हालांकि प्रयास यह किया जाना चाहिए कि चुनाव यदि संभव हो तो कुल मिलाकर चार सप्ताहों के अंदर हो जाएं।
श्री सिधवा : सरकार चुनाव के मास निर्धारित कर चुकी है, मैं जानना चाहता हूँ कि क्या इन मासों में कोई परिवर्तन होने की संभावना है?
डॉ. अम्बेडकर : वर्तमान स्थिति के अनुसार परिवर्तन की कोई संभावना नहीं है परन्तु मैं यह नहीं बता सकता कि भविष्य के गर्भ में क्या छिपा है।
माननीय उपाध्यक्ष : मैं कहना चाहूँगा कि इस प्रश्न का संबंध केवल उड़ीसा
* संसदीय वाद-विवाद, खंड-8, भाग- I, 26 मई, 1951, पृ. 4684