146 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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323 श्री केशव राव : (क) क्या शिक्षा मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि राष्ट्र भाषा को बढ़ावा देने के प्रयोजन से वर्ष 1949-50 और 1950-51 के दौरान कितनी धनराशि खर्च की गई?
(ख) इस प्रयोजन हेतु किन-किन निजी संस्थाओं और संगठनों को अनुदान प्रदान किया गया था?
(ग) क्या भारत सरकार ने विभिन्न हिंदीतर राज्यों को अनुदान देने के लिए अलग धनराशि निर्धारित की है?
विधि मंत्री (डॉ. अम्बेडकर) : (क) वर्ष 1949-50 के दौरान 2,80,000 रुपए तथा वर्ष 1950-51 के दौरान 1,05,000 रुपए खर्च किए गए।
(ख) ( i ) हिन्दी साहित्य सम्मेलन, इलाहाबाद।
( ii ) हिन्दुस्तानी कल्चरल सोसायटी, इलाहाबाद।
( iii ) इदारा तालीम-ओ-तरक्की, जामिया मिलिया, कल्चरल, दिल्ली-साक्षरेŸार हिन्दी साहित्य के लिए।
( iv ) अखिल भारतीय हिंदी परिषद, नई दिल्ली।
(ग) सरकार हिन्दीतर राज्यों में हिन्दी को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय में एक विशेष अनुभाग खोल रही है और साथ ही एक केन्द्रीय संगठन की स्थापना भी करना चाहती है। इस संबंध में जो खर्च आएगा सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
श्री केशव राव : क्या मैं प्रश्न के भाग ‘ख’ के उŸार के संबंध में यह जान सकता हूँं कि हिन्दीतर क्षेत्रों में किन्हीं गैर सरकारी संगठनों को केन्द्र सरकार द्वारा सहायता दी जाती है?
डॉ. अम्बेडकर : तत्संबंधी तथ्यों का उल्लेख दिए गए उŸार ‘ख’ किया गया है।
* संसदीय वाद-विवाद, खंड-9, भाग- I, 18 अगस्त, 1951, पृ. 323