48. अधिनियमों का हिन्दी अनुवाद - Page 173

156 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

डॉ. अम्बेडकर : क्योंकि विŸा मंत्री महोदय स्वीकृति नहीं देंगे।

श्री कॉमथ : जहाँ तक विभिन्न अधिनियमों का हिन्दी में अनुवाद कराने का संबंध है, क्या मैं जान सकता हूँ कि क्या सरकार के विधि मंत्रालय अथवा सचिवालय ने मानक शब्दावली और मानक हिंदी शब्दकोश के साथ हिंदी को मानकीकृत किया है?

डॉ. अम्बेडकर : मैं समझता हूँ कि हिंदी के मानकीकरण का कार्य ऐसा है जो भविष्य में किया जाएगा, अन्यथा मेरे मित्र तो यह चाहते हैं कि उŸार प्रदेश में बोली जा रही हिंदी को मानक हिंदी के रूप में स्वीकार कर लिया जाए।

श्री कॉमथ : जी नहीं। मध्यप्रदेश की हिंदी होनी चाहिए।

ज्ञानी जी. एस. मुसाफिर : क्या सरकार इस बात पर ध्यान देगी कि अनुवाद सरल हिन्दी में होना चाहिए ताकि उसे सभी लोग आसानी से समझ सकें?

डॉ. अम्बेडकर : मैं समझता हूँ कि सरकार इस बात पर गौर करेगी।

सेठ गोविन्द दास : जहाँ तक अधिनियमों के अनुवाद का संदर्भ है, क्या मैं माननीय मंत्री को यह सुझाव दे सकता हूँ कि यदि अनुवाद अनुभाग में स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं की जा सकती है तो कम से कम अनुवाद कार्य को तेजी से कराए जाने के लिए कुछ समय के लिए अस्थायी कर्मचारियों को तो लगाया जा सकता है?

विŸा राज्य मंत्री (श्री त्यागी) : इस सुझाव पर विचार करने के लिए मुझे नोटिस दिया जाना चाहिए।

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