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* नकली निर्वाचन
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532 श्री सिधवा : विधि मंत्री यह बताने की कष्पा करेंगे कि :-
(क) क्या चुनाव आयुक्त ने कुछेक स्थानों पर नकली निर्वाचन कराये हैं;
(ख) यदि हाँ, तो यह नकली चुनाव कहाँ-कहाँ किया गया और इसमें मतदाताओं के रूप में कितने लोगों ने हिस्सा लिया;
(ग) मतदान करने में कितना समय लगा; और
(घ) क्या चुनाव आयुक्त ने इस प्रकार किए गए नकली चुनाव में लगे समय के आधार पर वास्तविक चुनावों के लिए कोई योजना तैयार की है?
विधि मंत्री (डॉ. अम्बेडकर) : (क) से (घ) निर्वाचन आयोग ने मई, 1951 में
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विभिन्न राज्य सरकारों का निर्देश दिए कि वे संभावित परिस्थितियों में नकली चुनाव कराएं ताकि भविष्य में होने वाले वास्तविक चुनावों के दौरान मतदान में लगने वाले औसत समय और आंकड़ों का अंदाजा और अनुभव हो सके। निर्वाचन आयोग ने राज्य सरकारों से यह जानकारी मांगी है कि उन्होंने नकली चुनाव कहाँ-कहाँ किया है और इस संबंध में अब तक केवल उड़ीसा से ही सूचना प्राप्त हुई है।
इन नकली चुनावों के अनुभव को वास्तविक चुनावों के समय मतदान केन्द्रों की संख्या और स्थानों का चयन करते समय ध्यान में रखा जाएगा। इन नकली चुनाव से प्राप्त अनुभवों के आधार पर राज्य सरकारों द्वारा तैयार प्रारंभिक प्रस्तावों को सामान्य जानकारी के लिए प्रकाशित कि जाएगा और यदि जनता की ओर से कोई सुझाव प्राप्त हुए तो उन सुझावों को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग के परामर्श से अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
श्री सिधवा : क्या आप किसी एक राज्य के बारे में यह बता सकते हैं कि वहाँ पर अभ्यास स्वरूप हुए इन चुनावों में कितने वोट पड़े?
डॉ. अम्बेडकर : मुझे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
श्री सिधवा : अनपढ़ लोगों द्वारा किए गए मतदान के बारे में निर्वाचन आयुक्त ने क्या मत व्यक्त किया था? इस इसमें सफलता प्राप्त हुई?
* संसदीय वाद-विवाद, खंड-9, भाग- I, 27 अगस्त, 1951, पृ. 664