158 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
डॉ. अम्बेडकर : इसमें साक्षर और निरक्षर का प्रश्न ही नहीं उठता क्योंकि मतदान के समय यह प्रश्न नहीं पूछा गया था।
श्री सिधवा : तो भी निर्वाचन आयुक्त ने इस अभ्यास के तौर पर किए चुनावों के प्रति कोई न कोई आम धारणा तो अवश्य बनाई होगी, वह क्या है? क्या वे महसूस करते हैं कि...
डॉ. अम्बेडकर : निर्वाचन ने अपनी धारणा के बारे में मुझे कुछ नहीं बताया है।
सेठ गोविन्द दास : माननीय मंत्री महोदय ने बताया है कि अब तक केवल उड़ीसा से ही रिपोर्ट प्राप्त हुई है और अन्य प्रान्तों से अभी तक कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। क्या सरकार ने ऐसी कोई तारीख निश्चित की है कि अमुक तारीख तक ये नकली चुनाव हो जाने चाहिएं और इसकी रिपोर्ट भारत सरकार को मिल जानी चाहिए।
डॉ. अम्बेडकर : मैं नहीं समझता कि यह कोई ऐसा मामला है जिसमें सरकार स्वयं को यह समझे कि वह निर्देश देने के लिए प्राधिकृत है।
सेठ गोविन्द दास : जी नहीं, यह मामला प्राधिकार का नहीं है.................
श्री भट्ट : क्या माननीय मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या इन नकली चुनावों के दौरान लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ पूर्वाभ्यास किया गया था?
डॉ. अम्बेडकर : मुझे विश्वास है कि ऐसा ही हुआ है।
श्री चट्टोपाध्याय : क्या ऐसा नकली चुनाव किसी केन्द्र शासित क्षेत्र में भी किया गया था? और यदि हाँ, तो संबंधित रिपोर्ट अभी तक क्यों प्राप्त नहीं हुई है?
डॉ. अम्बेडकर : मुझे वाकई इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि ये किन राज्यों में हुए और क्या केन्द्र शासित क्षेत्रों में भी हुए, परन्तु इतना अवश्य कह सकता हूँ कि अवश्य हुए होंगे?
श्री कॉमथ : क्या इन नकली चुनावों में नकली अधिकारियों और नकली उम्मीदवारों को भी शामिल किया गया था?
डॉ. अम्बेडकर : मैं समझता हूँ कि वे दिखावे के तौर पर थे।
श्री आर. वेलायुधन : क्या नकली चुनावों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि आगामी आम चुनाव नकली चुनाव होंगे?
डॉ. अम्बेडकर : जी ऐसे ही होंगे। बहुत संभव है।
श्री सिधवा : क्या मैं जान सकता हूँ कि इन नकली चुनावों में कितने लोगों ने मतदाताओं के रूप में भाग लिया?
डॉ. अम्बेडकर : मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है।
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