50. निर्वाचक नामावलियों पर आपत्तियां - Page 176

159

okZp Col2 d
u ke ko fy ;
v ki fŸk ;
(50)

534 श्री कॉमथ : विधि मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भाग ‘क’, ‘ख’ और ‘ग’ के प्रत्येक राज्य से प्रारंभिक निर्वाचक नामावलियों से संबंधी दावों और आपिŸायों की कुल संख्या कितनी है;

(ख) अब तक प्रत्येक राज्य की कितनी आपिŸायों का निपटारा किया जा चुका है; और

(ग) अब तक प्रत्येक राज्य में कितने-कितने दावों और आपिŸायों के मामले में अनुमति दे दी गई है?

विधि मंत्री (डॉ. अम्बेडकर) : (क) से (ग) 1 अगस्त, 1951 की स्थिति के अनुसार

csMd j

विभिन्न राज्यों को प्राप्त हुए दावों और आपत्तियों की संख्या और उनके द्वारा निपटाए गए मामलों की संख्या को दर्शाने वाला विवरण सदन के पटल पर रखा जाता है (देखिए परिशिष्ट- IV, उपबंध 17) ।

श्री कॉमथ : श्रीमान्जी, सदन के पटल पर रखे गए विवरण को देखने से पता चलता है कि हैदराबाद में 4284 महिलाओं को मताधिकार से वंचित कर दिया गया है। क्या इन महिलाओं को उसी आधार पर उनके मताधिकार से वंचित किया गया जिस आधार पर राजस्थान की महिलाओं को किया गया था। अथवा किन्हीं भिन्न कारणों से?

डॉ. अम्बेडकर : इसके लिए मुझे नोटिस दिया जाना चाहिए।

श्री कामथ : क्या यह सच है कि मताधिकार से वंचित की गई राजस्थान की महिलाओं अथवा उनके संगठन अथवा उनके प्रतिनिधियों ने हाल ही में उनके मताधिकार की बहाली के लिए सरकार को कोई अभ्यावेदन दिए हैं?

डॉ. अम्बेडकर : जी हाँ, उन्होंने ऐसा किया है।

* संसदीय वाद-विवाद, खंड-9, भाग- I, 27 अगस्त, 1951, पृ. 667