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535 श्री कॉमथ : विधि मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रत्येक राज्य में क्षेत्रीय निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति और वांछित चुनाव तंत्र की स्थापना कर दी गई है; और
(ख) यदि नहीं, तो इनको कब तक गठित कर दिया जाना प्रस्तावित है?
विधि मंत्री (डॉ. अम्बेडकर) : (क) और (ख) : अभी तक कोई क्षेत्रीय निर्वाचन आयुक्त नियुक्त नहीं किए गए हैं परन्तु तीन या चार ऐसे अधिकारियों को नियुक्त करने के लिए सक्रिय रूप से विचार किया जा रहा है। मैं उपधारणा करता हूँ कि ‘‘अध्यपेक्षित चुनाव तंत्र’’ अभिव्यक्ति से माननीय सदस्य का आशय वास्तविक चुनावों के समय नियुक्त किए जाने वाले विभिन्न अधिकारियों की संख्या से है। वस्तु-स्थिति इस प्रकार है। जैसे ही संसद द्वारा विभिन्न परिसीमन संबंधी आदेशों में किए गए उपान्तर अधिसूचित हो जाएंगे और निर्वाचन क्षेत्रों को अंतिम रूप से निर्धारित कर लिया जाएगा त्योंही निर्वाचन आयोग द्वारा सभी राज्यों में प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के लिए निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों, रिटर्निंग अधिकारियों और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों की औपचारिक नियुक्ति के लिए कदम उठाए जाएंगे। रिटर्निंग अधिकारियों की नियुक्ति के पश्चात् रह प्रत्येक मतदान केन्द्र के लिए पीठासीन और मतदान अधिकारी की नियुक्ति करेगा। बाद में होने वाली इन नियुक्तियों के नवम्बर के अन्त तक पूरा हो जाने की आशा है, सिवाय उन क्षेत्रों के, यदि कोई हो, जहाँ चुनाव अक्तूबर माह में होंगे, जहाँ पर यह कार्य सितम्बर, 1951 के अन्त तक पूरा हो जाएगा।
श्री कॉमथ : महोदय, क्या सरकार को भाग ‘क’ अथवा भाग ‘ख’ के क्षेत्र की किसी राज्य सरकार की ओर से इस आशय का कोई अभ्यावेदन प्राप्त हुआ है कि चुनाव संबंधी भारी भरकम कार्य को निपटाने के लिए मतदान और अन्य संबंधित प्रयोजनों हेतु उनका कानून और व्यवस्था संबंधी तंत्र अथवा अन्य वांछित तंत्र सक्षम नहीं है और क्या उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों तथा अन्य कोई सहायता केन्द्र सरकार से मांगी है?
डॉ. अम्बेडकर : इस संबंध मे मुझे कोई जानकारी नहीं है।
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* संसदीय वाद-विवाद, खंड-9, भाग- I, 27 अगस्त, 1951, पृ. 670