54. संविधान का अनुच्छेद 171 (ख) - Page 183

166 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

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576 श्री देवगिरीकर : (क) विधि यह बताने की कृपा करेंगे कि संविधान के अनुच्छेद 171 (ख) में उल्लिखित किसी राज्य की विधान परिषद के सदस्यों का चयन करने के लिए निर्वाचक-गणों की योग्यता जो स्नातक के समकक्ष रखी गई है, क्या वह संसद द्वारा अथवा उसके द्वारा बनाए गए किसी कानून के द्वारा विहित है?

(ख) यदि हाँ, तो वह अर्हता क्या है? और

(ग) यदि नहीं, तो इन अर्हताओं को कब विहित किया जाएगा?

विधि मंत्री (डॉ. अम्बेडकर) : (क) मैं माननीय सदस्य का ध्यान लोक प्रतिनिधित्व

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अधिनियम, 1950 की धारा 27(3) की ओर दिलाना चाहूँगा जो राज्य सरकार को चुनाव आयोग के सहयोग से यह विनिर्दिष्ट करने के लिए प्राधिकृत करती है कि वह कौन-सी अर्हताएं हैं जिन्हें वह भारतीय विश्वविद्यालयों के स्नातक के समकक्ष समझती है।

(ख) और (ग) : ऊपर लिखित अर्हताओं संबंधी अधिसूचनाएं उन सभी राज्य सरकारों, जहाँ-जहाँ पर विधान परिषद हैं अर्थात् बिहार, बम्बई, मद्रास, पंजाब, उŸार प्रदेश, पश्चिम बंगाल और मैसूर द्वारा जारी की जा चुकी है। प्रत्येक अधिसूचना की प्रति संसद के ग्रंथालय में उपलब्ध हैं।

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* संसदीय वाद-विवाद, खंड-9, भाग- I, 27 अगस्त, 1951, पृ. 698