58. मतदान केन्द्रों की सूची - Page 189

172 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

चाहिए। इन योजनाओं को उस राज्य के जिला मुख्यालयों और तालुका मुख्यालयों में निरीक्षण के लिए रखा गया है और कलेक्टरों से कहा गया है कि जनता की ओर से आए सुझावों और आलोचनाओं पर ध्यानपूर्वक विचार करें। बंबई सरकार ने कलेक्टरों, जो कि ग्रामीण विकास बोर्डों के अध्यक्ष भी हैं, के कार्य को सरल बनाने के लिए इन योजनाओं को उन बोर्डों के उपाध्यक्षों को भी दिखाने के लिए निदेश दिये थे।

(ग) बंबई में ग्रामीण विकास बोर्डों के उपाध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटियों के सदस्य भी हैं और कुछ मामलों में वे अध्यक्ष भी हैं।

(घ) प्रश्न ही नहीं उठता।

पंडित कुंजरू : क्या मैं जान सकता हूँ कि बंबई राज्य में अनन्तिम मतदान केन्द्रों की सूचियों को ग्रामीण विकास बोर्डों के उपाध्यक्षां से भिन्न लोगों को दिखाया जा रहा है?

माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर : मुझे ऐसी कोई जानकारी नहीं है।

पंडित कुंजरू : यदि निर्वाचन आयोग ने सभी पार्टियों के संबंध में साधारण किस्म के निदेश दिए हैं तब बम्बई सरकार ने जिला मजिस्ट्रेटों को यह कहने की आवश्यकता क्यों महसूस की कि वे मत केन्द्रों की इन अंतिम सूचियों को ग्रामीण विकास बोर्डों के अध्यक्षों को दिखाएं?

डॉ. अम्बेडकर : संभवतः उस क्षेत्र के लोगों के संगठित विचारों को संग्रहीत करने की आवश्यकता स्वरूप ऐसा किया गया होगा।

पंडित ठाकुर दास भार्गव : कया यह सच है कि प्रत्येक निर्वाचन-क्षेत्र में निर्वाचकों की सूचियों को अकारादिक्रम से व्यवस्थित किया गया है?

डॉ. अम्बेडकर : अफसोस है कि मैंने स्वयं भी इन मतदाता सूचियों को नहीं देख है। इसलिए मैं कुछ नहीं कह सकता। संभवतः माननीय सदस्य को इस बारे में अधिक जानकारी है।

पंडित ठाकुर दास भार्गव : क्या यह सच है कि प्रत्येक मतदान केन्द्र के लिए अलग-अलग सूचियाँ नहीं हैं और किसी एक मतदान केन्द्र के क्षेत्र निवासियों को उस निर्वाचन-क्षेत्र में वोट डालने के लिए कई मीलों का सफर तय करना होगा?

डॉ. अम्बेडकर : मैं ऐसा नहीं समझता। मैं समझता हूँ कि सभी मतदाताओं को मतदाता नम्बर के हिसाब से सूचित किया जाएगा और उसी के अनुसार वे विशेष मतदान केन्द्र पर मतदान करेंगे।