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पंडित ठाकुर दास भार्गव : इन सभी सूचियों को अकारादिक्रम में व्यवस्थित किया
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गया है, जिसका अर्थ यह है कि प्रत्येक मतदान केन्द्र के लिए अलग-अलग सूची नहीं होगी, और जब तक प्रत्येक मतदान केन्द्र के लिए अलग सूची नहीं होगी वे कैसे जान पाएंगे कि उन्हें किस मतदान केन्द्र पर वोट डालना है और फलस्वरूप उन्हें मीलों लम्बा सफर तय करना होगा।
डॉ. अम्बेडकर : मुझे इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि मतदाता सूचियों को अकारादिक्रम में व्यवस्थित किया गया है।
माननीय उपाध्यक्ष : मैं समझता हूँ कि मतदाता सूचियों को अकारादिक्रम में ही तैयार किया गया है और प्रत्येक मतदान केन्द्र पर इस प्रकार की सूची लटकी हुई है।
डॉ. अम्बेडकर : मैं इस बारे में जांच कराऊँगा।
माननीय उपाध्यक्ष : खैर। इसका इस प्रश्न से कोई संबंध नहीं है।
पंडित कुंजरू : क्या मैं विधि मंत्री से यह पूछ सकता हूँ कि जैसे अनुदेश निर्वाचन आयोग ने बम्बई राज्य को दिये हैं, क्या वैसे ही अनुदेश अन्य राज्यों को भी दिए गए हैं?
डॉ. अम्बेडकर : वह पत्र एक साधारण किस्म का पत्र था जो सभी राज्यों को भेजा गया है।
पंडित कुंजरू : क्या विधि मंत्री यह बता सकते हैं कि क्या इन मतदान केन्द्रों संबंधी आरंभिक सूचियों को अन्य राज्यों में राजनीतिक दलों के सदस्यों को दिखाया गया है।
डॉ. अम्बेडकर : मेरे मित्र यह मान रहे हैं कि राजनीतिक दल प्रत्येक जगह हैं। मुझे विश्वास है कि यदि कोई राजनीतिक दल है तो राज्य सरकार इन सूचियों को उन्हें दिखाने के लिए वैसे ही कदम उठाएगी जैसे वह दूसरों का दिखा रही है।
पंडित कुंजरू : मेरे माननीय मित्र इतने नासमझ नहीं हो सकते जो यह विश्वास कर लें कि देश में केवल एक ही राजनीतिक पार्टी है।
डॉ. अम्बेडकर : कदाचित दूसरी पार्टियाँ अटकल हैं।
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