184 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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1185 श्री ज्ञानी राम : स्वास्थ्य मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि :
(क) क्या इर्विन रोड और पंचकुइंया रोड, नई दिल्ली के शरणार्थीं छोटे दुकानदारों ने 27 अगस्त, 1951 से हड़ताल की है;
(ख) यदि हाँ, तो इसके क्या कारण हैं; और
(ग) क्या मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं?
विधि मंत्री (डॉ. अम्बेडकर) : (क) इन छोटे दुकानदारों ने 27 अगस्त, 1951 से 29 अगस्त, 1951 तक तीन दिनों की हड़ताल की है;
(ख) यद्यपि नई दिल्ली नगरपालिका समिति और इन छोटे दुकानदारों के बीच कुछ समय से विवाद चल रहा था, समझा जाता है कि हड़ताल का तात्कालिक कारण नगरपालिका समिति के नियमों का उल्लंघन करने वाले कुछेक दुकानदारों के विरुद्ध समिति द्वारा अनियोजन प्रारंभ किया जाना था।
(ग) कोई जांच कराए जाने का प्रश्न ही नहीं उठता।
श्री ज्ञानी राम : क्या मैं यह जान सकता हूँ कि क्या अब इन छोटे दुकानदारों की शिकायतों को दूर कर दिया गया है?
डॉ. अम्बेडकर : शायद ही कोई शिकायत हो। जो कागजात मुझे सौंपे गए थे उनसे तो ऐसा लगता है कि यह विवाद पूर्णतः कानूनी किस्म का है। नगरपालिका का कहना है कि ये दुकानदार लाइसेंसधारक हैं और दुकानदारों का कहना है कि वे पट्टेदार हैं। नगरपालिका कह रही है कि उनके लाइसेंसधारक होने से वह उन्हें बिना नोटिस दिए वहाँ से हटा सकती है जबकि दुकानदारों का कहना है कि वे पट्टेदार हैं और उनके साथ पट्टे की शर्तों के अनुसार ही व्यवहार किया जाना चाहिए। यह पूर्णतः कानूनी मसला है जिसका निपटारा केवल न्यायालय अथवा
* संसदीय वाद-विवाद, खंड-9, भाग- I, 20 सितम्बर, 1951, पृ. 1538