222 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
क्योंकि वे नागरिक तथा संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग करते हैं आप अच्छे बर्ताव के लिये जमानत क्यों नहीं मांग सकते?
श्री जे. एस. बिष्ट (उत्तर प्रदेश) : दंड प्रक्रिया संहिता में ये सभी उपबंध हैं।
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डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मैं यही बात तो कह रहा हूँ। दंड प्रक्रिया संहिता में ऐसे व्यक्ति से जमानत (प्रतिभूति) लेने के पूर्वोदाहरण है जो शान्ति नहीं बनाये रखते, अच्छे बर्ताव के लिये, जो उपद्रव करने वाली सामग्री का प्रसार करते है, जो आवरागर्द है और जो बार-बार अपराध करते हैं। मैं निश्चित रूप से नहीं कह सकता कि क्या उन उपबंधों को इस कानून का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों से जमानत (प्रतिभूति) मांगने के लिए लागू किया जा सकता है। सम्भव है कि इस विधेयक के अन्तर्गत आने वाले मामले के लिए विशिष्ट उपबन्ध करना पड़े ऐसा इस विधेयक में विशिष्ट उपबन्ध करके ही किया जा सकता है।
महोदय, भारतीय पुलिस अधिनियम में एक अन्य उपबंध है। इस अधिनियम की धारा 15 के अधीन यदि गांव के कुछ लोग या पूरी जनता शान्ति भंग करे तो सरकार वहाँ पर अतिरिक्त पुलिस तैनात कर सकती है और अतिरिक्त पुलिस का
खर्च गांव के निवासियों से वसूल कर सकती है? यह एक सामान्य उपबंध है। इस बारे में भी मैं निश्चित रूप से नहीं कह सकता कि सरकार प्रस्तुत अधिनियम को लागू करने के लिये उस उपबंध का उपयोग कर सकती है या नहीं। वह अधिनियम एक साधारण अधिनियम है, शान्ति आदि भंग होने के बारे में है। यह बिल्कुल अलग मामला है और मैंने सोचा था कि यदि अस्पृश्यता के उन्मूलन को सुनिश्चित करना है तो पुलिस अधिनियम की धारा 15 के आधार पर कोई विशिष्ट खंड इस विधेयक में जोड़ा जाना चाहिए। किन्तु ऐसा कोई प्रावधान विधेयक में नहीं है।
अब मैं एक अन्य प्रश्न उठाना चाहता हूँ, जिसके बारे में मुझे संदेह है, यह कानून कौन लागू करेगा, केन्द्र या राज्य? यदि केन्द्र को यह कानून लागू करना है तो क्या यह बेहतर नहीं होगा कि इस आशय का एक खंड इस में जोड़ दिया जाये कि यह कानून केन्द्रीय सरकार द्वारा लागू किया जायेगा? मैं यह सुझाव इसलिये दे रहा हूं कि मैं महसूस करता हूँ कि राज्य आपत्ति कर सकते हैं कि यह कानून समवर्ती सूची में आता है और ये साधारण तौर पर इस अधिनियम को लागू करने का अधिकार राज्य सरकारों का है। मेरे विचार में यह कानून समवर्ती, सूची में रखे जाने वाला कानून नहीं है जिसका राज्य लागू करने के अधिकार का दावा कर सकें।
मेरा दावा है कि यह केन्द्रीय कानून है यद्यपि यह अनुच्छेद 7 की सूची I में नहीं आता। अनुच्छेद 35 में उल्लिखित उपबंध बिल्कुल स्पष्ट है। अनुच्छेद 35 में लिखा है कि अनुच्छेद 17 के अनुसरण में बनाये गये कानून का उल्लंघन किये जाने