संविधान (चतुर्थ संशोधन) विधेयक, 1954 - Page 253

236 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

इस खण्ड के वास्तविक अर्थ को पाठकों की दृष्टि से छिपाया गया है। यदि मेरी व्याख्या सही है तब खण्ड का क्या करने का आशय है, वह सरकार को प्रतिकर के भुगतान के दायित्व से छूट देना है जब कभी यह किसी लाइसेंस को रद्द करे। क्या वह प्रतिकर भुगतान नहीं किये जाने का न्यायिक कारण है?

मुझे विश्वास है कि वह मामला जो मेरे माननीय मित्र श्री पंत के दिमाग में है और जो मेरे भी दिमाग में है वह बस मालिकों का है। बस मालिकों को मोटरयान अधिनियम के अन्तर्गत किसी मार्ग पर अपनी बसें चलाने के लिए लाइसेंस लेने पड़ते हैं। मेरे मित्र श्री पंत बहुत लोभी व्यक्ति हैं और वे बसों को चलाने का एकाधिकार अपने हाथ में लेना चाहते हैं और इसीलिए वे बस मालिकों को पसंद नहीं करते हैं। वे उन्हें बसें चलाने से कैसे रोक सकते हैं? उन्होंने लाइसेंसों को रद्द कराने की शक्ति प्राप्त करनी है। इसलिए वे उनके लाइसेंसों को रद्द करते हैं और उन मार्गों पर सरकारी बसों को लगाते हैं। जिस पर वे अपनी बसें चला रहे थे और साथ ही वे उन्हें कोई प्रतिकर नहीं देना चाहते हैं। मैं जो प्रश्न पूछना चाहता हूँ वह यह हैः क्या यह न्यायोचित या उचित प्रस्ताव है। मुझे सरकार द्वारा बसें चलाये जाने के सम्बन्ध में कोई आपत्ति नहीं है। मैं यह नहीं जानता हूँ कि उत्तर प्रदेश में किराए इतने सस्ते कैसे हैं। क्या यह किराया निजी बसों की अपेक्षा सस्ता हैं।

श्री एच. पी. सक्सेना (उत्तर प्रदेश) : हाँ।

mÙk j
izn s'k

श्री ताजमुल हुसैन : और बेहतर है।

डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मैं कुछ नहीं कह रहा हूँ। मैं यह नहीं जानता हूँ कि क्या वे अच्छी सेवा देती हैं, संभवतया वे अच्छी सेवा देती है।

श्री ताजमुल हुसैन : हाँ, देती हैं, सरकारी बसें। हमेशा अच्छी सेवा देती हैं।

डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : लेकिन विचारणीय प्रश्न यह है; कई लोगों का निकाय इस विशिष्ट व्यवसाय में लगा है जो इस व्यवसाय से अपनी जीविका कमा रहे हैं। उन्होंने साज समान, बसों, कार्यशाला और अन्य आवश्यक वस्तुएं को खरीदने में बहुत बड़ी धन राशि निवेश कर दी है। आप अचानक जाकर कहते हैं ‘‘अपना व्यवसाय बंद कर दीजिए, हम आपको व्यवसाय चलाने की अनुमति नहीं देंगे,’’ इतने पर भी मैं इसे बुरा नहीं मानता लेकिन मैं अपने मित्र से जो प्रश्न पूछना चाहूँगा वह यह है, मेरे मित्र जो कुछ कर सकते हैं, वह यह है कि वे साज-समान खरीद सकते हैं क्योंकि वह साज-समान हमारे लिए सरकारी बसें चलाने के लिए उपयुक्त होगा। यदि ऐसा किया जाए और तब कहा जाए कि वे कोई अधिक प्रतिकर नहीं देने जा रहे हैं। क्योंकि साज-समान उस धनराशि से खरीदा गया है जिससे कि अपनी पसंद