245 श्री के. एस. हेगड़े (मद्रास) : मध्य भारत।
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : इसका क्या अभिप्राय है? मैंने थोड़ा हिसाब लगाया है। उत्तर प्रदेश का क्षेत्रफल 1,14,323 वर्ग मील है। इसकी जनसंख्या 6,32,54,118 है। बिहार का क्षेत्रफल 70,368 वर्ग मील है। और इसकी जनसंख्या 4,02,18,916 है। मध्यप्रदेश का क्षेत्रफल 2,01,633 वर्ग मील है। इसकी आबादी 3,28,46,971 है। मैं यह जानता हूँ कि मुझे विदर्भ, राजस्थान के लिए कुछ काटना है। क्षेत्रफल 1,28,424 वर्ग मील है और जनसंख्या 1,52,97,979 है। कुल क्षेत्रफल 10 करोड़ वर्ग मील है और जनसंख्या लगभग 15 करोड़ है। श्री टी. पांडे (उत्तर प्रदेश) : दस लाख वर्ग मील।
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : इससे मेरे तर्क में कोई बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ता।
मेरी राय में जिस प्रश्न पर विचार किये जाने की आवश्यकता है वह बहुत गम्भीर प्रश्न है। क्या हमें एक भाषा के लिए एक राज्य बनाना होगा या एक राज्य के लिए एक भाषा रखनी होगी? यदि इस प्रश्न के कोई राजनैतिक परिणाम नहीं थे तो कोई भी व्यक्ति इसके बारे में चिंता नहीं करता। लेकिन कठिनाई यह है कि इस प्रश्न के बहुत गंभीर राजनैतिक परिणाम हैं। संयुक्त राज्य में विभिन्न राज्यों की जनसंख्या अलग-अलग है। कुछ राज्यों में जनसंख्या कम है और कुछ राज्यों में ज्यादा है। लेकिन अमरीकी इसकी इस कारण से कोई परवाह नहीं करते क्योंकि राज्यों को बराबर के अधिकार हैं। निम्न सदन को वही अधिकार प्राप्त हैं जो उच्च सदन को प्राप्त हैं। और प्रत्येक राज्य को उच्च सदन में जनसंख्या को ध्यान में न रख कर बराबर प्रतिनिधित्व दिया गया है। सीनेट में उन्हें समान प्रतिनिधित्व दिया जाता है। यहाँ क्या स्थिति है। हमारे संविधान में ऐसी समानता बिल्कुल नहीं है। प्रत्येक राज्य को बराबर अधिकार नहीं दिये गये हैं। और अपर चैम्बर को जहाँ तक वित्त का संबंध है कोई अधिकार नहीं दिये गये हैं। ऐसा हो सकता है कि उत्तरी क्षेत्र के राज्य किसी एक ऐसे मामले पर मिलकर एक हो जाएं जिस पर दक्षिणी राज्य सहमत न हों- इसकी बहुत सम्भावना है। ऐसा होने पर क्या होने की सम्भावना है? ऐसा होने पर, यदि मैं यह कहूँ, उत्तर प्रत्येक उस प्रस्ताव को रद्द करेगा जिसे दक्षिणी राज्य चाहते हैं। यदि ऐसा होता है तो मुझे डर है कि गृह युद्ध हो सकता है। मैं कुछ बढ़ा-चढ़ाकर भावनाओं को व्यक्त कर रहा हूँ, लेकिन इस प्रकार की घटना घट चुकी है। ऐसा संयुक्त राज्य में हो चुका है। संयुक्त राज्य में गृहयुद्ध इन असमान अधिकारों के कारण हुआ। प्रारम्भिक अवस्थाओं में कुछ सीमा तक गुलाम राज्य गुलामी में रहने के लिए सहमत थे लेकिन उस सीमा से अधिक गुलामी में रहने के लिए वे सहमत