लोकसभा - डॉ. अम्बेडकर का निधन - Page 272

255

लोगों को आश्चर्य हुआ कि मैं ऐसा करूंगा क्योंकि यह सोचा गया था कि उनकी सामान्य गतिविधियॉं विरोधी किसम की थी वह सरकारी किसम की नहीं थी। फिर भी मैंने उस समय यह महसूस किया कि उन्होंने संविधान की रचना करने में बहुत ही महत्वपूर्ण और रचनात्मक भूमिका निभायी थी और यह कि वे सरकारी कार्यकलापों में भी रचनात्मक भूमिका निभाना जारी रखेंगे। वास्तव में उन्होंने ऐसा किया भी। यहाँ कुछ मामूली मतभेद होने के बावजूद मुख्य रूप से यदि मैं ऐसा कहूँ कि यह मतभेद किन्हीं सैद्धांतिक बातों में नहीं थे। मेरे विचार से भाषाई मामलों और प्रयुक्त भाषा के सम्बन्ध में थे। हमने आपसी फायदे के लिए कई वर्षों तक सरकार में सहयोग किया। जो कुछ भी हो एक बहुत ही लब्ध प्रतिष्ठ हस्ती का, जिसने हमारे सार्वजनिक जीवन और भारतीय पटल पर अपनी एक छाप छोड़ी है, निधन हो गया है। वे एक ऐसी हस्ती थे जिसे प्रायः हम सभी जानते थे। मैं यह मानता हूँ और मैं महसूस करता हूँ कि हम सभी बहुत दुख महसूस कर रहे हैं। हम उन्हें अच्छी तरह जानते हैं। वे बहुत समय से बीमार थे। फिर भी किसी व्यक्ति का निधन होना दुखद है। मुझे विश्वास है कि महोदय, आप और सदन हमारा गहरा शोक और सहानुभूति, उनके परिवार लोगों को भेज देंगे।

ऐसी घटनाओं के सम्बन्ध में तथा सदन के स्थगन के सम्बन्ध में हमारे प्रक्रिया नियमों में विभिन्न प्रकार के नियम निर्धारित किये गये हैं। साधारण रूप से, वे नियम सदन के सदस्यों के लिए लागू होते हैं। डॉ. अम्बेडकर इस सदन के सदस्य नहीं थे। वे राज्यसभा के सदस्य थे। नियम यह कहता है कि ऐसे मामलों में, सदन में इस संबध में उल्लेख किया जाये लेकिन तब तक स्थगन नहीं हो सकता जब तक वे विशिष्ट व्यक्तियों की श्रेणी में नहीं आते, उस मामले में पूर्ण स्थगन किया जा सकता है। इस बात में कोई संदेह नहीं हो सकता है कि वे विशिष्ट व्यक्तियों की श्रेणी में आते हैं। सख्त नियम के अनुसार नियम कहता है कि सांकेतिक स्थगन किया जा सकता है। मेरा अनुरोध है कि इस नियम का उल्लंघन किये बिना या इस नियम की भावना को कम किये बगैर, वर्तमान मामला कुछ कारणों से जिसमें से मैंने कुछ का उल्लेख किया है और अन्य का उल्लेख नहीं किया है यह न्यायसंगत है कि सदन को पूरे दिन के लिए स्थगित किया जाये। वह आपकी तथा सदन की इच्छाओं के अनुसार है।

श्रीमती रेणु चक्रवर्ती : महोदय इस मामले में मैं सदन के नेता का साथ देती

J he r
p Ø o r

हूँं और यह प्रार्थना करती हूँ कि आप हमारी पार्टी और हमारे साथियों की संवेदना डॉ. अम्बेडकर के परिवार के सदस्यों को भेज दें।

हम, युवा सदस्यों को उनके साथ कार्य करने का कभी सौभाग्य प्राप्त नहीं हुआ।