264 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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फेडरल न्यायालय और प्रिवी कांउसिल द्वारा विचारित
मामलों की संख्या
- श्री एस. नागप्पा : क्या विधि मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे :
(क) फेडरल न्यायालय द्वारा पिछले तीन वर्षों में वर्षवार विचारित मामलों की कुल संख्याः और
(ख) उन मामलों की कुल संख्या जो प्रिवी काँउसिल को भेजे गये हैं?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : (क) वर्ष 1944, 1945 और 1946 इन तीन वर्षों के दौरान फेडरल न्यायालय ने जिन मामलों की सुनवाई की, उनकी संख्या क्रमशः 34, 16 थी।
(ख) उन्हीं तीन वर्षों के दौरान प्रिवी काँउसिल में दायर की गई भारतीय अपीलों की कुल संख्या क्रमशः 58, 59 और 61 थीं।
श्री बी. एम. गुप्ते : क्या मैं यह जान सकता हूँ कि प्रिवी काँउसिल द्वारा अपीलों के कितने मामले आरक्षित किये गये थे।
श्री बिश्वनाथ दास : इस बात को ध्यान में रखते हुए कि यदि राष्ट्रमंडल का कोई देश मुकदमा लड़ने वाली अपनी जनता को प्रिवी काँउसिल में अपीलों को भेजने की अनुमति नहीं दे रहा है, क्या माननीय मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या यह सरकार इस प्रश्न के सम्बन्ध में संविधान सभा के निर्णय तथा वर्तमान दिन के मध्य कोई अंतरिम प्रबंध करने पर विचार कर रही है?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मैं अपने माननीय मित्र के प्रश्न को बिल्कुल भी नहीं समझा लेकिन मैं यह कह सकता हूँ कि सरकार मामले की जांच कर रही है और यदि सरकार इसे व्यवहार्य पाती है तो वह अंतरिम कार्यवाही कर सकती है।
* संसदीय सभा (विधायी) वाद-विवाद, खंड- 1, भाग- I, 18 दिसम्बर, 1947, पृ. 75-76