(4) फेडरल न्यायालय का गठन - Page 283

266 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

Col1 Col2
U; k; ky ;
d k
(4)

श्री फूलन प्रसाद वर्मा : (क) क्या माननीय मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या सरकार को इस बात की जानकारी है कि भारत की संविधान सभा ने कतिपय अन्तर्वर्ती उपबंध पारित किये हैं जिसके द्वारा फेडरल न्यायालय उच्चतम न्यायालय समझा जायेगा और वह अंतिम अपीलीय न्यायालय होगा और नई अपीलें प्रिवी काँउसिल को भेजने की अपेक्षा उच्चतम न्यायालय को भेजी जायेंगी?

(ख) यदि उपर्युक्त भाग (क) का उत्तर हाँ है, तो सरकार ने उन उपबंधों को लागू करने के लिए क्या कदम उठाये हैं या उठाये जा रहे हैं?

(ग) क्या सरकार यह जानती है कि परम्परागत उपबंध में यह निर्धारित किया गया है कि प्रिवी काँउसिल के समक्ष लंबित पड़े मामलें प्रिवी कॉंउसिल द्वारा ही निपटाये जायेंगे?

(घ) यदि उपर्युक्त भाग (क) का उत्तर हाँ हो तो क्या सरकार का इस बात को स्पष्ट करने का प्रस्ताव है कि ‘‘लंबित’’ अभिव्यक्ति का ठीक-ठीक अभिप्राय क्या है?

(ड.) क्या सरकार को यह जानकारी है कि मामले की सुस्पष्ट स्थिति के सम्बन्ध में मुकदमा लड़ने वाली जनता, वकीलों और उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के दिमाग में अनिश्चित्ता बहुत ज्यादा हैं?

(च) यदि उपर्युक्त भाग (ड.) का उत्तर हाँ है तो क्या सरकार का इस विषय के संबंध में कोई विवरण जारी करने का विचार है?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : (क) भारत ने संघीय संविधान समिति की

EcsMd j

सिफारिशों को ज्ञापन के उन संगत भागों को देखा है जिन्हें बाद में संविधान सभा

* संसदीय सभा (विधायी) वाद-विवाद, खंड- 1, भाग- I, 18 नवम्बर, 1947, पृ. 88