(9) साधारण निर्वाचन - Page 292

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हाँ, तो क्या निर्वाचक नामावलियाँ आदि तैयार करने में की गई प्रगति वर्ष 1950 में निर्वाचन कराये जाने के लिए पर्याप्त है?

प्रधानमंत्री (श्री जवाहर लाल नेहरू) : मेरा वक्तव्य था ‘‘अगली सर्दियों के दौरान’’

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इस वर्ष के अंत में नहीं : लेकिन वर्ष 1950-51 की शरद ऋतु में।

श्री त्यागी : विभिन्न राज्यों में पिछले छः या सात महीनों के दौरान रिक्त हुए स्थानों के लिए उप-चुनाव कराने के लिए क्या प्रबंध किये जा रहे हैं?

डॉ. अम्बेडकर : यह वह मामला है जिसे प्रांतों के राज्यपालों के ऊपर छोड़ दिया गया है और वे भी ऐसे आदेशों के अंतर्गत है जिनके अधीन संविधान द्वारा राष्ट्रपति को इस संबंध में आदेश देने के लिए प्राधिकृत किया गया है।

श्री व्यास : क्या सरकार ने ऐसे राज्यों के मामले में जहाँ आज कोई विधान मंडल नहीं है, तैयार करवाने के लिए कोई विशेष ध्यान दिया है?

डॉ. अम्बेडकर : निश्चित रूप से।

श्री भारती : क्या मैं यह जान सकता हूँ कि क्या यह सच है कि भारत सरकार ने वर्ष 1951 की जनगणना के पश्चात् निर्वाचन कराने की वांछनीयता के सम्बन्ध में प्रांतों और राज्यों से उनकी राय मांगी है ताकि कुछ सांस लेने का समय मिल सके? मैंने उन कागजातों से समझा है जिनके माध्यम से भारत सरकार ने वर्ष 1951 की जनगणना के पश्चात् आम चुनाव कराये जाने के औचित्य के सम्बन्ध में विभिन्न राज्यों से उनकी राय मांगी है।

डॉ. अम्बेडकर : मुझे इस प्रकार के किसी प्रस्ताव की जानकारी नहीं है।

श्री त्यागी : क्या सरकार की जानकारी में सीटों के ऐसे कोई उदाहरण आये हैं जो एक महीने पहले विभिन्न राज्यों में रिक्त हुए थे और जिन्हें अभी तक भरा नहीं गया है।

डॉ. अम्बेडकर : यह मामला प्रांत के लिए है।

श्री देशबंधु गुप्ता : क्या माननीय मंत्री को इस बात की जानकारी है कि उप प्रधानमंत्री ने संविधान सभा को यह आश्वासन दिये थे कि पूर्वी पंजाब, दिल्ली और शायद बंबई या पश्चिम बंगाल जैसे कुछ क्षेत्रों में नये चुनाव नई जनगणना पर आधारित होंगे? यदि ऐसा है तो नये चुनावों के लिए निर्वाचक नामावलियाँ तैयार किये जाने से पहले इन क्षेत्रों में जनगणना के लिए सरकार द्वारा क्या कदम उठाये जा रहे हैं।

डॉ. अम्बेडकर : मेरे विचार में, यह तथ्यों का सही विवरण नहीं है।

श्री देशबंधु गुप्ता : क्या मैं प्रधानमंत्री जी का ध्यान उस प्रश्न और विधि मंत्री