276 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
जी द्वारा दिये गये उत्तर की ओर आकृष्ट कर सकता हूँ और उनसे पूछ सकता हूँ कि क्या यह सच है अथवा नहीं कि उपप्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया था।
माननीय अध्यक्ष : माननीय गष्ह मंत्री ने पहले ही प्रश्न का उत्तर दे दिया है।
श्री देशबंधु गुप्ता : वे यह कहते हैं कि यह सच नहीं है। मैं प्रधानमंत्री जी से यह पूछना चाहता हूँ कि क्या यह सच है या नहीं। यह आश्वासन रिकार्ड पर है।
श्री कॉमथ : क्या मंत्री महोदय का ध्यान मद्रास के यूनाइटेड प्रेस ऑफ इंडिया की उस रिपोर्ट की ओर आकष्ष्ट किया गया है कि भारत सरकार ने राज्य सरकारों को सम्बोधित एक प्रश्न में उनसे यह पूछा था कि क्या राज्यों के विधानमंडलों के चुनाव वर्ष 1951 में जनगणना समाप्त होने के कुछ महीनों बाद कराना उनके लिए सुविधाजनक होगा?
डॉ. अम्बेडकर : मुझे इसकी जानकारी नहीं है।
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806 प्रो. यशवंत राय : क्या माननीय विधि मंत्री संविधान के अनुच्छेद 341 को देखने तथा यह बताने की कृपा करेंगे :-
(क) क्या यह सच है कि बहुत सी जातियाँ यह जानने के लिए चिंतित हैं कि उन्हें अनुसूचित जातियों की सूची में शामिल किया गया है, अथवा नहीं; और
(ख) यदि हाँ, तो सरकार ने इस दिशा में क्या कदम उठाये हैं। और अनुसूचित जातियों की सूची में शामिल की गई जातियों की घोषणा कब की जाएगी।
विधि मंत्री (डॉ. बी. आर. अम्बेडकर) : (क) और (ख) संविधान के अनुच्छेद 341
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की अपेक्षा के अनुसार राज्यों के राज्यपालों तथा राजप्रमुखों से उन जातियों, वंशों और जनजातियों के रूप में संविधान के उद्देश्य के लिए उल्लिखित किया जाना है और उनके विचारों तथा सुझावों की अब जांच की जा रही है। इस जांच के शीघ्र पूरा होने की आशा है और उनके पश्चात् अनुसूचित जातियों का उल्लेख करते हुए अधिसूचना जारी की जाएगी।
प्रो. यशवंत राय : महोदय, क्या मैं यह जान सकता हूँ कि सरकार सूची की घोषणा करने में कितना समय लगाएगी।
* संसदीय सभा (विधायी) वाद-विवाद, खंड- 1, भाग- I, 13 मार्च, 1950, पृ. 791