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1352 श्रीमती अम्मू स्वामीनाथन : क्या विधि मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि हिंदू कोड बिल संबंधी गैर-सरकारी सलाहकार समिति में क्या किसी महिला संगठन के प्रतिनिधि को शामिल किया गया है अथवा किए जाने का विचार है?
विधि मंत्री (डॉ. अम्बेडकर) : इस बारे में मेरा यह कहना है कि यह उल्लेख उस प्रस्तावित औपचारिक सम्मेलन से संबंधित है जो हिंदू कोड बिल के बारे में संसद के भीतर तथा बाहर प्रतिनिधि लोकमत का पता लगाने के लिए है जैसा की इस बिल पर हुई चर्चा के दौरान 19 दिसम्बर, 1949 को माननीय प्रधानमंत्री ने इस सदन में घोषणा की थी। सरकार का इरादा इस सम्मेलन को यथासंभव प्रतिनिधिक स्वरूप प्रदान करने का है और निःसंदेह इस सम्मेलन में महिला संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।
श्रीमती अम्मू स्वामीनाथन : इस सच्चाई को ध्यान में रखते हुए कि हिंदू कोड देश के पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अधिक प्रभावित करेगा (हंसी का ठहाका)। महोदय, इस मामले में मैं आपका संरक्षण चाहती हूँ। सदन में जब किसी महिला के अधिकारों की बात उठती है तो सामान्यतः सदस्य ऐसे हंसने लगते हैं जैसे कि यह मजाक का विषय हो। लेकिन मेरे लिए यह मजाक नहीं है। मैं चाहती हूँ कि विधि मंत्री हमें यह बताएं कि क्या हिंदू कोड बिल वास्तव में महिलाओं को बड़े पैमाने पर प्रभावित करेगा। भारत में अनेकों महिला संगठन हैं और उनसे शीघ्र ही बुलाई जाने वाली इस सलाहकार समिति के लिए अपने-अपने प्रतिनिधि भेजने के लिए कहा गया है।
डॉ. अम्बेडकर : यही बात तो उत्तर में कही गई है।
श्रीमती अम्मू स्वामीनाथन : क्या मैं आपसे यह पूछ सकती हूँ कि उन महिला संगठनों के नाम क्या हैं जिन्हें इस सलाहकार समिति में अपना-अपना प्रतिनिधि भेजने के लिए कहा गया है?
* संसदीय वाद-विवाद, खंड- 1, भाग- I, 3 अप्रैल, 1950, पृ. 1267