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श्री एम. ए. अय्यंगर : मैं पूछना चाहता हूँ कि प्रवर समिति से चुने गए कितने सदस्य इस बिल के पक्ष में हैं और कितने विपक्ष में हैं तथा कितने सदस्यों को इस पर सन्देह है?
डॉ. अम्बेडकर : मैं समझता हूँ कि कुछ सदस्य इसके पक्ष में हैं, कुछ इसके विपक्ष में हैं और बहुत से सदस्यों की स्थिति संदिग्ध है।
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726 मौलवी वाजिद अली : क्या विधि मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या सरकार का संविधान के अनुच्छेद 106 के परिप्रेक्ष्य में निकट भविष्य में संसद सदस्यों के वेतन तथा भत्तों के संबंध में कोई विधेयक लाने का विचार है?
विधि मंत्री (डॉ. अम्बेडकर) : जी नहीं श्रीमान्। माननीय सदस्य द्वारा उल्लेखित अनुच्छेद के दूसरे भाग को ध्यान में रखते हुए सरकार संसद सदस्यों के वेतन और भत्तों के संबंध में कोई विधेयक लाना आवश्यक नहीं समझती। ऐसा लगता है कि इस संबंध में वर्तमान स्थिति संतोषजनक है।
मौलवी वाजिद अली : यह सच नहीं है कि उपर्युक्त अनुच्छेद में वर्तमान संसद के संबंध में कुछ नहीं कहा गया है? मेरा प्रश्न भावी लोक सभा से संबंधित है जिसका जिक्र माननीय मंत्री महोदय अपने प्रस्तावित विधेयक में कर चुके हैं।
डॉ. अम्बेडकर : इस सदन की ओर से मुझे औपचारिक रूप से लिखित ऐसा कोई संदेश प्राप्त नहीं हुआ है कि वर्तमान व्यवस्था असंतोषजनक है।
श्री ब्रजेश्वर प्रसाद : क्या सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव है कि वर्तमान में दिए जा रहे रेल यात्रा भत्ते के स्थान पर रेलवे का प्रथम श्रेणी का पास प्रदान किया जाए?
डॉ. अम्बेडकर : यह एक सुझाव है जिस पर विचार किया जा सकता है।
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* संसदीय वाद-विवाद, खंड- 1, भाग- II, 15 अप्रैल, 1950, पृ. 1557