(17) आम चुनाव - Page 307

290 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

रूप से प्रकाशित कर दिया जाएगा। इस कार्य के अगली जनवरी के अंतिम दिनों अथवा फरवरी के आरंभिक दिनों में पूरा हो जाने की संभावना है।

(ड.) एक मोटे अनुमान के आधार पर कुल मिलाकर अब तक हो चुका तथा आगे होने वाला व्यय जिसे भारत सरकार चुनावों के संबंध में वहन करने वाली है, लगभग 520 लाख रुपए बैठता है और सभी राज्य सरकारों द्वारा वहन किया जाने वाला कुल व्यय लगभग 490 लाख रुपए बैठता है।

(च) यदि माननीय सदस्य वास्तविक चुनावों के समय इस कार्य में लगाए जाने वाले अधिकारियों के बारे में पूछना चाहते हैं तो उनकी अनुमानित संख्या और इस प्रयोजन के लिए उन्हें कितने समय तक इस कार्य में लगाया जायेगा, बताना संभव नहीं है।

श्री देशबंधु गुप्ता : मैं जानना चाहता हूँ कि निर्वाचक नामावलियों में नामों के न होने अथवा गलत प्रविष्टि होने के संबंध में शिकायतें मिली हैं? और यदि हाँं, तो इन दोषों को दूर करने के लिए सरकार द्वारा क्या कदम उठाए गए हैं?

डॉ. अम्बेडकर : सच बात तो यह है कि यह मामला निर्वाचन आयुक्त के क्षेत्राधिकार में आता है और मुझे पक्का विश्वास है कि यदि कोई अनियमिततर चुनाव निर्वाचन आयुक्त के ध्यान में लाई गई तो वे उन्हें दूर करने में अपनी शक्तियों का प्रयोग करेंगे।

श्री देशबंधु गुप्ता : क्या निर्वाचन आयुक्त अथवा सरकार के ध्यान में यह बात आई है कि अकेले दिल्ली राज्य में 40,000 महिलाओं ने मतदाता के रूप में अपना नाम दर्ज कराने के सम्बन्ध में सिर्फ इसलिए अपनी आपत्तियाँ दर्ज कराई हैं कि उन्हें ‘‘श्रीमती अमुक अमुक’’ अथवा ‘‘कुमारी अमुक अमुक’’ नामांकित किया गया है?

डॉ. अम्बेडकर : यह संभव है।

श्री देशबंधु गुप्ता : महोदय, इस तथ्य को देखते हुए कि अब चुनाव स्थगित किए जा चुके हैं, क्या सरकार आपत्तिकर्ताओं द्वारा अपनी शिकायतें दर्ज कराने की अपेक्षा स्वयं ही इन गलत प्रविष्टियों को सही करने का विचार करेगी?

डॉ. अम्बेडकर : मैं इस सुझाव को पहुंचा दूंगा......................

माननीय अध्यक्ष : शांत रहिए, शांत रहिए। यह कार्यवाही के लिए सुझाव है।

श्री श्यामानन्दन सहाय : इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि संविधान में प्रावधान है कि प्रौढ़ मताधिकार होगा, क्या सरकार यह बताने की कृपा करेगी कि क्या निर्वाचक नामावलियाँ तैयार करते समय अगली जनगणना के परिणामों को ध्यान में रखा जाएगा?

डॉ. अम्बेडकर : यह आवश्यक नहीं है, क्योंकि संविधान में यह उपबंध किया