(17) आम चुनाव - Page 308

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गया है कि संविधान लागू होने के तीन वर्षों के भीतर चुनाव होते हैं तो वर्ष 1941 की जनगणना के आंकड़ों से काम चलाया जाए, अथवा कतिपय अन्य मामलों में, जनसंख्या राष्ट्रपति के आदेश द्वारा तय किया जा सके।

श्री देशमुख : क्या माननीय मंत्री को यह जानकारी है कि कुछ राज्यों में, मतदाता सूचियों के लिए जो मूल्य प्रस्तावित किया गया है वह बहुत ज्यादा है और क्या मैं यह जान सकता हूँ कि क्या सरकार ऐसा कोई आदेश जारी करेगी जिसका यह आशय हो कि इन सूचियों की कीमत बहुत ज्यादा नहीं होनी चाहिए?

डॉ. अम्बेडकर : मेरे कानों में भी यह बात पड़ी है कि कुछ स्थानीय विधानसभाओं में इस मुद्दे पर बहस हुई है और मैंने यह भी सुना है कि कुछ राज्य सरकारों ने तो पहले ही मतदाता सूचियों के मूल्यों को घटा दिया है।

श्री टी. एन. सिंह : क्या मैं जान सकता हूँ कि क्या माननीय मंत्री जी द्वारा अपने उत्तर में प्रयुक्त किए गए ‘‘साथ-साथ’’ शब्द का अर्थ है कि अलग-अलग सभी राज्यों में एक ही दिन चुनाव कराएं जाएंगे अथवा क्या ये चुनाव तीन-चार दिनों में कराएं जाएंगे?

डॉ. अम्बेडकर : खर्च को कम से कम करने के उद्देश्य से ये चुनाव एक ही दिन में हो जाने चाहिए।

श्री आर. वेलायुधम : क्या मैं पूछ सकता हूँ कि क्या परिसीमन समितियों के लिए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कोई अंतिम तिथि निर्धारित कर दी गई है?

डॉ. अम्बेडकर : मैं समझता हूँ कि तारीख एक बार निर्धारित की गई थी, क्योंकि निर्वाचन आयोग का इरादा यह था कि वह निर्वाचन-क्षेत्र आदेश राष्ट्रपति को सौंपेगा और इसी सत्र में उसे संसद के समक्ष प्रस्तुत करेगा। लेकिन इस को ध्यान में रखते हुए कि चुनाव की तिथि स्थगित हो गई है और शायद उसका विचार है कि मामले के तथ्यों के अनुरूप निर्वाचन-क्षेत्रों को तैयार करने में समर्थ बनाने के लिए और समय चाहता है।

श्री के. वैद्या : महोदय, उन राज्यों को ध्यान में रखते हुए जहाँ किसी तरह का कोई विधानमंडल नहीं है, क्या चुनाव अप्रैल में नहीं हो जाने चाहिए?

डॉ. अम्बेडकर : यदि मेरे मित्र आसन ग्रहण करेंगे तो मैं उत्तर दूंगा। जहाँ तक लोकसभा का सवाल है, उसका राज्य की विधायिका से कोई संबंध नहीं है, क्योंकि चुनाव तो लोगों को करना होता है। जहाँ-जहाँ विधान परिषद हैं वहाँ इस विधेयक द्वारा जिसे मैं आज ही सदन में प्रस्तुत करने वाला हूँ, वे उन राज्यों में जहाँ विधायिका अस्तित्व में नहीं आई है चुनावों के लिए प्रावधान करने जा रहे हैं।

श्री द्विवेदी : महोदय, क्या मैं जान सकता हूँ कि चुनावों में खड़े होने वालों के