45. बजट (साधारण) 1952-53 - Page 327

310 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

महोदय, मैं इंग्लैंड में, चांसलर आफ दॅ एक्सचेकर ने अपने बजट के दौरान जो कुछ किया, मैं वित्त मंत्री का ध्यान उस ओर दिलाना चाहूँगा। मेरे विचार में, वह मुझसे अधिक जानते हैं। मैंने ये आंकड़े समाचार-पत्रों व अन्य पत्रिकाओं से संकलित किए हैं जहाँ मैंने चांसलर आफ़ द एक्सचेकर द्वारा हाऊस आफ़ कॉमन्स में प्रस्तुत बजट के कुछ विश्लेषण को पढ़ा है। महोदय, खाद्य इमदाद के विषय पर अपना ध्यान केंद्रित रखते हुए मुझे पता चला है कि इंग्लैंड में वर्ष 1950 में खाद्य इमदाद 48 करोड़ पौंड थी। पिछले बजट में इस इमदाद में कमी की गई है, उसमें 16 करोड़ पौंड की कमी की गई है। जहाँ तक चांसलर आफ़ द एक्सचेकर के बजट के इस भाग का संबंध है, संभवतः माननीय वित्त मंत्री को इस बात से राहत मिलेगी कि इंग्लैंड में चांसलर आफ़ द एक्सचेकर ने जो कुछ किया है वह उससे कुछ भिन्न नहीं कर रहे हैं। परंतु यदि आद इंग्लैंड में चांसलर आफ़ द एक्सचेकर द्वारा प्रस्तुत बजट के स्वरूप के दूसरे पहलू पर अर्थात् इंग्लैंड में चांसलर के प्रतिसंतुलन प्रस्तावों पर ध्यान दें, तो पता चलेगा कि एक ओर इमदाद कम की गई तो दूसरी ओर आय-कर राहत में 2.228 मिलियन पौंड तक की वष्द्धि की गयी है। दूसरे, परिवार भत्त्ते में भी 37 मिलियन पौंड की वृद्धि की गई है। पेंशन राशि में भी पर्याप्त वष्द्धि की गयी है। आवास सहायता में भी भारी वृद्धि की गई है। चांसलर आफ द एक्सचेकर द्वारा बजट में इतनी बड़ी राहत दिये जाने से निश्चय ही उपभोक्ता की क्रय-शक्ति में वृद्धि हुई है। यदि उपभोक्ता समुदाय की क्रय-शक्ति में इतनी अधिक वृद्धि होती है तो यदि इमदाद में 167 मिलियन पौंड की कटौती कर दी जाती है तो उससे कोई अंतर नहीं पड़ता।

हमारे माननीय मित्र वित्त मंत्री ने अपने बजट में कौन-सी राहत की व्यवस्था की है? कुछ भी नहीं। कराधान का स्तर वही है, उसका प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष स्वरूप वैसा का वैसा है। जनता की क्रय-शक्ति में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। इसके अतिरिक्त, खाद्यान की लागत में वृद्धि कर दी गई है। चांसलर आफ़ द एक्सचेकर और हमारे वित्त मंत्री के, जनता की समस्याओं के प्रति, दृष्टिकोण के बीच यह मूल अंतर है। मेरे विचार में, हमारे माननीय मित्र वित्त मंत्री को भी विचार करना चाहिए कि क्या जनता की भलाई में वृद्धि करने के लिए, इंग्लैंड में चांसलर आफ द एक्चेकर द्वारा उठाए गए कदमों की तरह वह भी कुछ कदम उठाने की व्यवस्था करेंगे।

महोदय, मैं ठीक से समझ नहीं पा रहा हूँ कि माननीय वित्त मंत्री अभी क्या रुख अपनाने वाले हैं।

9.00 बजे प्रातः