321
नहीं है। इसी प्रकार के अन्य अनेक क्षेत्र हैं।
एक दूसरी बात मैंने यह देखी है कि लगभग सारी भूमि रेड्डी समुदाय के कब्जे में है। वे सबसे बड़े भू-स्वामी हैं। दूसरे नंबर पर सम्भवतः कम्मा समुदाय है, जिससे मेरे मित्र प्रो. रंगा का संबंध है। मुझे हाल ही में बताया गया है कि यह कितनी बड़ी बुराई है, मुझे एक काँग्रेसी ने स्वयं बड़े स्पष्ट ढंग से सब कुछ बताया था। यदि मैं उनके नाम का उल्लेख करूं तो शायद उनको बुरा लगेगा। ऐसा करने से मेरा कथन अधिकृत बन जाएगा परन्तु मैं उनके नाम का उल्लेख नहीं करूंगा, क्योंकि मैंने उनसे पूछा नहीं है।
एक माननीय सदस्य : क्या वह इस सभा का सदस्य है?
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : वह निचले सदन का सदस्य है।
डॉ. के. एन. काटजू : निचला सदन कहना मुझे अच्छा नहीं लगता।
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : जब हम इस विषय पर चर्चा कर रहे थे तो मेरे मित्र ने बताया कि यह कोई विचित्र बात नहीं है। आंध्र प्रदेश में एक गांव है। गांव की पूरी भूमि 1400 एकड़ है। उसमें से केवल 14 एकड़ भूमि अलग-अलग व्यक्तियों की है, शेष सारी भूमि एक रेड्डी की है। आप केवल कल्पना कर सकते हैं....................
श्री पी. सुन्दरय्या (मद्रास) : हमें उसे जब्त कर लेना चाहिए।
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मुझे इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि उन्होंने क्या किया है। एक तीसरा तथ्य मुझे बताया गया कि गांव का सारा व्यापार रेड्डी समुदाय के हाथों में है.............................
एक माननीय सदस्य : इसमें क्या गलत बात है?
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : गांव का सबसे छोटा अधिकारी भी रेड्डी है, मुल्की भी रेड्डी है। महोदय, मैं जानना चाहता हूँ, विशेषकर इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि क्या काँग्रेस पार्टी द्वारा हमें अनुग्रहपूर्वक 10 वर्ष के लिए दिया गया आरक्षण समाप्त होने वाला है।
एक माननीय सदस्य : आपने स्वीकार किया था।
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : जी, हाँ, और हम क्या कर सकते थे, यदि आप पूड़ी नहीं ले सकते तो रोटी तो मिलनी चाहिए। महोदय, वहाँ की स्थिति को ध्यान में रखकर आप कल्पना कर सकते हैं कि वहाँ अनुसूचित जातियों की स्थिति क्या होगी। अत्याचार दमन और संप्रदायवाद से बचाव के लिए, जो इस प्रकार स्थित सभी राज्यों में, न केवल आंध्र प्रदेश में, निश्चय ही होते हैं, हमारे माननीय मित्र ने क्या व्यवस्था