48. अंतर्राष्ट्रीय स्थिति - Page 354

337

का विस्तार है। किसी सिद्धांत का अनुसरण करना था। उसकी विधि मान्यता और सिद्धांत के स्वरूप को समझना तब तक असंभव है जब तक कोई व्यक्ति विश्व की वर्तमान समस्या को, विश्व के उस भाग की समस्या को, जो संसदीय व मुक्त लोकतंत्र अर्थात् विश्व में साम्यवाद के विस्तार को समझ न ले। मैं सदन को कुछ आंकड़े उपलब्ध कराना चाहता हूँ। ये मैंने इस विषय में एकत्र किए हैं। मैं अधिक अतीत में नहीं जाना चाहता। किंतु मई 1945 से, जब युद्ध समाप्त हो गया था, आरंभ करना चाहता हूँ, मई 1945 तक रूस ने 10 यूरोपीय देशों पर नियंत्रण कर लिया था।

श्री बी. गुप्ता : यह बिल्कुल झूठ है।

माननीय सभापति : श्री गुप्ता, आपको उत्तर देने का अवसर मिलेगा।

श्री बी. गुप्ता : वह इस प्रकार की बातें नहीं कर सकते, उनकी आयु के व्यक्ति को ऐसी बातें नहीं करनी चाहिएं।

माननीय अध्यक्ष : श्री सुन्दरय्या, आप उनको बताएं कि उनको उत्तर देने का अवसर मिलेगा, वह उत्तेजित न हों।

डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : आपको उत्तर देने के लिए समय मिलेगा। आप धैर्य रखें। प्रधानमंत्री को इससे असुविधा हो सकती है किंतु आज उन्हें नहीं है। आज वह शांत है। आप इतने उत्तेजित क्यों हो रहे हैं?

यदि आपको इसका कोई प्रमाण-चाहिए तो मैं आपको दे सकता हूँ-यह मेरे पास है, परंतु शर्त यह है कि आप मुझे यह वापिस कर देंगे।

श्री बी. गुप्ता : आपने ये दस्तावेज मेकार्थी और डल्स से लिए हैं।

डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : महोदय, मैं यह कह रहा था कि यदि हम मई 1945 से स्थिति को समझने का प्रयत्न करें और पता लगाएं कि क्या घटनाएं हुई हैं तो यह स्थिति सामने आती है। जैसाकि मैंने बताया रूस ने यूरोप के दस क्षेत्रों- (1) फिनलैंड; (2) ऐस्टोनिया; (3) लात्विया; (4) लिथुआनिया; (5) पोलैंड; (6) चेकोस्लोवाकिया; (7) हंगरी; (8) रूमानिया; (9) बुल्गारिया और (10) अल्बानिया पर अपना कब्जा कर लिया था।

श्री बी. गुप्ता : और ग्यारहवां डॉ. अम्बेडकर।

डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : मुझे प्रसन्नता है कि आपने मेरी सूची में वृद्धि की है। आपकी जानकारी पुस्तक से भी अद्यतन है।

इसके अतिरिक्त, रूस ने जर्मनी, ऑस्ट्रिया, नार्वे और डेनिश आइलैंड ऑफ़ बॉनहोम के कुछ भागों पर कब्जा कर लिया है। इन दस यूरोपीय देशों में से तीन को तो रूस ने सीधे अपने साथ मिला लिया है और अपने देश का अंग बना लिया