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शामिल होता है तो रूस क्या सोचेगा। मेरे विचार में, यहाँ पर भी सीटो, के बारे में सदन में कुछ पृष्ठभूमि बताए जाने की आवश्यकता है जिससे ‘सीटो’ पर गुण-दोष के आधार पर विचार किया जा सके, अब, महोदय, इस सब की पृष्ठभूमि क्या है? यह इस प्रकार है :
मैंने ऐसे देशों की सूची का उल्लेख किया है जिन पर रूस का नियंत्रण हो चुका है। मेरे विचार में यह सर्वविदित है कि यह इसलिए हुआ है क्योंकि, यदि मैं यह कहूँ, पिछले महायुद्ध के दौरान अमरीकियों की मूर्खता के कारण हुआ है। रूसियों ने श्री रूज़वेल्ट की सहमति से और श्री चर्चिल की कष्टसाध्य इच्छा से इन क्षेत्रों पर कब्ज़ा किया था, जब युद्ध समाप्त हुआ, उन्होंने बड़ी भारी ग़लती यह की कि हिटलर पर विजय पाने के लिए उन्होंने अनेक राष्ट्रों की स्वाधीनता को बलि चढ़ा दिया।
11.00 बजे।
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मेरे विचार में, ‘‘ट्रायम्फ एंड ट्रजिडी’’ नामक अपने अंतिम खण्ड में उन्होंने यही भावना व्यक्त की है। इसी कारण उन्होंने अपने अंतिम खण्ड का नाम ‘‘ट्रायम्फ एण्ड ट्रजिडी’’ रखा। अब, महोदय, अमरीकी क्या कर रहे हैं। यदि मैंने उनकी नीति को सही समझा है तो अब वे यह कर रहे हैं। उनका दृष्टिकोण यह है कि रूस ने युद्ध के दौरान जो कुछ पाया है अर्थात् 10 देश, उसे उससे संतुष्ट हो जाना चाहिए। वास्तव में, मुझे यह सोचना चाहिए कि अमरीका और ब्रिटेन का यह कर्तव्य होना चाहिए कि वे इन देशों को आज़ाद करवाते। लेकिन किसी भी देश की न तो इच्छा शक्ति है, और न ही नैतिक शक्ति और न ही वे अपने आप को इतने महान् कार्य में लिप्त करना चाहते हैं।
इसलिए वे रक्षा की दूसरी पंक्ति वाला काम कर रहे हैं, वह यह है कि रूस अथवा चीन को स्वतंत्र विश्व के किसी अन्य भाग पर कब्जा करने की अनुमति न दी जाए। मेरे विचार में, यह ऐसा सिद्धात है कि जिससे सभी स्वतंत्रता प्रेमी जन स्वीकार करने के लिये तैयार होंगे। इस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होगी। उन्होंने ‘सीटो’ योजना इसीलिए बनाई है कि रूस किसी अन्य देश पर आक्रमण न कर पाए। सीटो का संगठन किसी देश पर आक्रमण करने के लिए नहीं है। सवतंत्र देशों पर आक्रमण रोकने के लिए सीटो का संगठन बनाया गया है। मुझे इस बात की आशंका है कि क्या प्रधानमंत्री किसी भी प्रकार से इस सिद्धांत को स्वीकार करने के लिए तैयार होंगे कि स्वतंत्र विश्व का कोई ऐसा भाग जो किसी तरह संयोगवश स्वतंत्र रह गया है, स्वतंत्र ही बना रहे और उनको पराधीन न बनाया जाए। क्या भारत पर आक्रमण होने की कोई संभावना नहीं है? मेरे विचार में, उस पर आक्रमण होने की पूरी गुंजाइश है। मेरे पास समय नहीं है अन्यथा, मैं सदन को बता सकता