49. बैंक विवादों के संबंध में सरकारी आदेश - Page 365

348 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

प्रयोग किया था।

अब महोदय, मेरी मंशा को समझने के लिये मेरे विचार में इन परिवर्तनों को मद-वार प्रस्तुत करना आवश्यक है। जो सरकार ने श्रम अधिकरण (अपील) अधिनियम में किये है। वे उपांतर क्या है? मेरे विचार में, वे चार हैं। सर्वप्रथम, सरकार ने एक नया क्षेत्र जोड़ा है जिसे चतुर्थ श्रेणी क्षेत्र कहा गया है जिनकी संख्या 30,000 से कम है, अब तक जितने अधिनिर्णय हुए हैं, श्री न्यायमूर्ति सेन का अवार्ड, शास्त्री अवार्ड और अधिकरण अधिनिर्णय, उनमें इस बात पर सहमति थी कि क्षेत्रों का तीन वर्गों में वर्गीकरण किया जाना पर्याप्त है। चौथे वर्ग की आवश्यकता नहीं है, परंतु सरकार ने सोचा, जिसका कारण निःसंदेह माननीय वित्तमंत्री अपने उत्तर में बताएंगे कि उन्होंने यह नया चौथा वर्ग क्षेत्र क्यों बनाया। महोदय, उन्होंने दूसरी बात यह की है कि चतुर्थ वर्ग क्षेत्र के लिये वेतन निर्धारित कर दिया है। जहाँ तक वर्ग क बैंकों का संबंध है, न्यूनतम वेतन-में मकान किराया भत्ता और महंगाई भत्ता जैसी अन्य चीजों का उल्लेख नहीं कर रहा क्योंकि हमारा संबंध मूल न्यूनतम वेतन से है-जो 66 रुपये है, ग वर्ग बैंकों के लिए यह 51 रुपये है और घ वर्ग बैंकों के लिये भी 51 रुपये है। यदि इनमें कोई ग़लती हुई है तो मेरे मित्र उस त्रुटि को दूर कर सकते हैं। मैंने पाया कि दो परिवर्तनों को एक साथ रखा गया है। सरकार ने अधिकरण के अवार्ड में जो तीसरा परिवर्तन किया है वह यह है कि सरकार ने मेरे विचार में दिल्ली, अजमेर और एक अन्य नगर, जिसका मैं नाम भूल गया हूँ, छोड़कर भाग ख और भाग ग राज्यों को अवार्ड के प्रवर्तन से अलग रखा है। सरकार ने जो चौथा परिवर्तन किया है वह यह है कि यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया नामक एक बैंक को इसके प्रवर्तन से पूरी छूट दी गई है।

वित्तमंत्री (श्री सी. डी. देशमुख) : क्या मैं बता सकता हूँ कि वर्तमान परिलब्धियों का

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संरक्षण भी अवार्ड में एक परिवर्तन है?

डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : जी हाँ, मैं इसको स्वीकार करता हूँ।

श्री सी. डी. देशमुख : मैं माननीय सदस्य को आश्वासन देना चाहता हूँं कि यह सही है।

डॉ. बी. आर. अम्बेडकर : महोदय, अब हमें इन परिवर्तनों के समर्थन में बताए गए कारणों पर विचार करना है। कहा जाता है कि भारत के विकास, वाणिज्य और उद्योग के लिए बैंक व्यवसाय अत्यंत आवश्यक उद्योग अथवा सेवा है। यह बात ऐसी है जिसके संबंध में कोई विवाद नहीं है कि बैंक व्यवसाय बहुत ही आवश्यक है जो सभी वैध तरीकों से सुदृढ़ बना रहना चाहिए। दूसरी बात यह है कि यदि बैंक आवश्यक हैं तो उनके कर्मचारियों के वेतन और मजदूरी को इस प्रकार निर्धारित किया जाना चाहिए कि वे बैंकों को लाभ कमाने दें। यही एक संभाव्यता है और मेरे