36. असम सीमा परिवर्तन विधेयक - Page 52

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मैं संविधान के अनुच्छेद निर्दिष्ट नहीं करता हूँ क्योंकि यदि मैं अनुच्छेद 3 का अवलंब लूँ तो सरकार का मामला बहुत कमजोर माना जा सकता है। इसलिए मैं कुछ और अधिक मूलभूत विषय का अवलंब ले रहा हूँ और उसके लिए कोई सदस्य अनुच्छेद 3 के अधीन बनाने की शक्ति से इनकार नहीं कर सकता।

श्री कॉमथ : नए राज्यक्षेत्रों का अर्जन अनुच्छेद 2 के अधीन है जो समर्पण का

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उल्लेख नहीं करता।

डॉ. अम्बेडकर : किंतु अब वह महत्वपूर्ण नहीं है। यह नियम कि यदि कोई बात

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अभिव्यक्त है और दूसरी अभिव्यक्त नहीं है तो वे अपवर्जित है, यह बात सार्वभौम रूप से लागू नहीं होती।

मैं यह संकेत करने का प्रयास कर रहा था कि यह स्थिति अर्थात् यह कि राज्य क्षेत्र का समर्पण करने का हकदार है, इंग्लैण्ड में भी विधि है। ऐसा करना राजा का विशेषाधिकार है और वह ऐसा कर सकता है।

अब मैं प्रश्न के दूसरे भाग पर आऊंगा, अर्थात् क्या संसद का इस प्रकार के मामले में सलाह लेना आवश्यक है। जैसा कि आप जानते हैं, इंग्लैंड में स्थिति समय-समय पर बदलती रहती है। एक समय लिया गया मत यह था कि ऐसा मामला था जो राजा के विशेषाधिकार से संबंधित था और विशेषाधिकार का क्या अर्थ है? मैं संक्षेप में इसे परिभाषित करता हूँ। विशेषाधिकार का अर्थ राजा की कुछ करने की शक्ति है जिसके लिए संसदीय मंजूरी आवश्यक नहीं है। जो राजा का विशेषाधिकार कहा जाता है, यह उसका सारांश है। इसलिए पुराना मत यह था कि चूंकि राज्यक्षेत्र का समर्पण राजा के विशेषाधिकार का परिणाम था इसलिए मामले को संसद के सामने लाने की आवश्यकता नहीं थी क्योंकि राजा सर्वोच्च था, जब तक संसद विशिष्ट विधि द्वारा संधि करने और राज्यक्षेत्र के समर्पण करने के राजा के विशेषाधिकार को छीन नहीं लेती और चूंकि संसद ने ऐसा नहीं किया है, इसलिए राजा के पास शक्ति है। इसके साथ राज्य क्षेत्र के समर्पण वाली संधियाँ इंग्लैंड में संसद के समक्ष आई हैं और मैं संक्षेप में उस कारण को स्पष्ट करूंगा कि संसद के समक्ष वे क्यों आई थीं। प्रथमतः इंग्लैण्ड की सरकार ने यह महसूस किया कि राज्यक्षेत्र के समर्पण के लिए संसद की मंजूरी लेना अधिक अच्छा है क्योंकि वह राज्यक्षेत्र को इतना कम कर रही है तथा जिसके ऊपर संसद की सर्वोच्चता थी। इसलिए संसद की सम्मति के बिना कुछ नहीं किया जाना चाहिए। दूसरा कारण था ब्रिटिश सरकार के लिए संसद के समक्ष समर्पण की संधियों को लाना क्यों आवश्यक था। यह महसूस किया गया था कि राज्यक्षेत्र का हस्तांतरण आखिरकार उस विशिष्ट क्षेत्र में रहने वाले लोगों की राष्ट्रीयता का स्थानांतरण है। कारण यह है कि जब आप राज्यक्षेत्र को हस्तांतरित करते हैं तो उस हस्तांतरण के