36. असम सीमा परिवर्तन विधेयक - Page 58

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रहे हैं। विधि मंत्री ने कुछ ऐसी बातों को निर्दिष्ट किया है, जो इंग्लैण्ड में राजा द्वारा की जाती हैं। राजा के पास परमाधिकार की शक्ति है, जिसके कारण वह कुछ राज्यक्षेत्र का समर्पण कर सकता है। मैं निवेदन करूंगा कि वह भी आज की चर्चा के विषय में सुसंगत नहीं है। हम सब जो चर्चा कर रहे हैं, वह यह है : क्या संसद कुछ विशिष्ट प्रक्रिया, जो कि संविधान के अधीन अधिकथित है, को अनुसरण किए बिना भारत के राज्यक्षेत्र के किसी भूभाग का समर्पण कर सकती है? क्या संविधान में ऐसा कोई अनुच्छेद है, जो सरकार को भारत के भीतर क्षेत्रों के किसी भाग का समर्पण करने के लिए अनुज्ञात करने के प्रयोजनार्थ उपबंध करता है। वही साधारण प्रश्न है, जिस पर हमसे विचार करने के लिए कहा गया है। महोदय, यहाँ, यदि अनुच्छेद 2 और 3 पर दृष्टि डालें तो आप देखेंगे, जब संविधान का भाग I अधिनियमित किया गया था तो व्यवस्था क्या थी।

माननीय उपाध्यक्ष : क्या हमें यह बात समझनी है जो माननीय सदस्य महसूस करते हैं कि राज्यक्षेत्र का समर्पण संविधान के अधीन संभव है किंतु अनुच्छेद 3 के अधीन केवल प्रक्रिया का अनुसरण नहीं किया गया है?

डॉ. एस. पी. मुखर्जी : संविधान में राज्य क्षेत्र के समर्पण विषयक कोई विशिष्ट उपबंध नहीं है, किंतु फिर भी मैं इस बात को स्वीकार करने के लिए तैयार हूँ कि यदि संधि के कारण यह स्थिति पैदा हुई है कि भारतीय राज्यक्षेत्र के एक भाग का समर्पण किया जाना है तो स्वाभाविक है कि ऐसे फैसले के लिए किसी को अंतिम मंजूरी देनी है और मामला संसद के सामने आता है। यहाँ आप न केवल राज्यक्षेत्र का समर्पण कर रहे हैं बल्कि आप अपने विद्यमान राज्यों में से एक की सीमाओं का समायोजन कर रहे हैं और इस मामले की बाबत हर हालत में संविधान के अधीन एक विशिष्ट प्रक्रिया अधिकथित की गई है, जिसका आपको अवश्य अनुसरण करना है।

माननीय उपाध्यक्ष : यह दावा किया गया कि इसका अनुसरण किया गया है। डॉ. एस. पी. मुखर्जी : नहीं, श्रीमान्।

डॉ. अम्बेडकर : महोदय, आपकी आज्ञा से मैं इस प्रश्न को कुछ वाक्यों में स्पष्ट करना चाहूँगा, क्योंकि मैं बहुत आभारी हूँ कि उन्होंने अपने प्रश्न को बहुत स्पष्ट रूप से रखा है। प्रश्न इस बाबत प्रतीत होता है कि प्रक्रिया क्या है।

डॉ. एस. पी. मुखर्जी : ठीक है, मुझे पूरा करने दें। मैं अधिक समय नहीं लूँगा।

डॉ. अम्बेडकर : मैं बोल नहीं रहा हूँ, मैं केवल स्पष्ट कर रहा हूँ।